चंडीगढ़ | हरियाणा और पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ की सड़कों पर कैब सर्विस का नया विकल्प आ गया है. शुक्रवार को प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने भारत टैक्सी की शुरुआत की. यह केंद्रीय सहकारिता विभाग की पहल है और इसे सहकारी मॉडल पर तैयार किया गया है. शहर में इसकी शुरुआत इसलिए भी अहम है, क्योंकि हाल ही में चंडीगढ़ प्रशासन ने ओला, उबर और इनड्राइव के लाइसेंस 6 महीने के लिए सस्पेंड किए थे. भारत टैक्सी में सबसे बड़ा बदलाव ड्राइवर्स की कमाई को लेकर किया गया है. यहां ड्राइवर्स को ‘सारथी’ नाम दिया गया है.
उनसे प्रत्येक राइड पर कमीशन नहीं लिया जाएगा. यानी यात्री से मिलने वाली राइड की रकम सीधे सारथी के पास जाएगी. आने वाले समय में प्लेटफॉर्म चलाने के लिए मामूली सब्सक्रिप्शन फीस रखने का विकल्प है, जिसकी रकम फिलहाल तय नहीं हुई है.
प्लेटफॉर्म में हिस्सेदारी
सारथी इस प्लेटफॉर्म में हिस्सेदारी भी ले सकेंगे. दस्तावेजों का सत्यापन पूरा होने के बाद ₹500 लगाकर पांच शेयर खरीदे जा सकेंगे. इससे ड्राइवर शेयर होल्डर बनेंगे और कंपनी के मुनाफे में भी हिस्सेदारी मिल सकेगी. प्राइवेट कैब एप में पीक ऑवर्स के दौरान अचानक किराया बढ़ना यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी रहता है. भारत टैक्सी में किराए को स्थिर रखने की कोशिश की जाएगी. एप से कैब के अलावा बाइक और ऑटो की बुकिंग भी की जा सकेगी.
किराए पर फोकस
भारत टैक्सी से जुड़ने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, गाड़ी की आरसी और पासपोर्ट साइज फोटो देना होगा. वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद ड्राइवर प्लेटफॉर्म पर राइड लेना शुरू कर सकेंगे. सारथियों के लिए ई-श्रम, बीमा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभ का भी प्रावधान है. SBI के जरिए कम ब्याज दर पर कार लोन की सुविधा देने और समस्याओं के समाधान के लिए ड्राइवर्स वेलफेयर विंग की व्यवस्था भी की गई है.
कार्यक्रम में गुलाब चंद कटारिया ने अपने गरीब परिवार से आने के दिनों को याद किया. नशे के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ के लिए 30 सितंबर की लास्ट डेडलाइन रखी गई है. इसके बाद वह खुद एक्शन लेंगे. पंजाब को लेकर उन्होंने कहा कि पंजाब को नशेड़ी नहीं बनने देंगे और यह शूरवीरों की धरती है.
