ज्योतिष डेस्क | बेटी शादी के बाद जब मायके आती है तो माता- पिता उसे खाली हाथ विदा करना पसंद नहीं करते. कभी उसकी पसंद के कपड़े दिए जाते हैं तो कभी घर के इस्तेमाल का सामान और खाने- पीने की चीजें साथ रख दी जाती हैं. माता- पिता के लिए ये तोहफे प्यार जताने का तरीका होते हैं, लेकिन वास्तु से जुड़ी मान्यताओं में कुछ चीजों को शादीशुदा बेटी को मायके से देना शुभ नहीं माना जाता.
मान्यता है कि कुछ खास चीजें रिश्तों में तनाव या दूरी का संकेत मानी जाती हैं. ऐसे में तोहफा चुनते समय इनसे बचने की सलाह दी जाती है. तो आज के आर्चिकल में हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं…
धारदार चीजें देने से बचें
वास्तु मान्यताओं के मुताबिक चाकू, कैंची या दूसरी धारदार और नुकीली चीजें बेटी को उपहार में नहीं देनी चाहिए. इन्हें रिश्तों में मनमुटाव और दूरी से जोड़कर देखा जाता है. शादीशुदा बेटी को मायके से गैस चूल्हा या दूसरी ज्वलनशील चीजें देने से भी बचने की मान्यता है. वास्तु में अग्नि से जुड़ी ऐसी वस्तुओं को उपहार के लिए अच्छा विकल्प नहीं माना जाता.
खटास का प्रतीक
बेटी के साथ खाने का सामान भेजते समय अचार देने से भी बचने की सलाह दी जाती है. वास्तु मान्यताओं में अचार को ठहराव और शनि की ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है. इसे रिश्तों में खटास के प्रतीक के रूप में भी माना जाता है. घर सजाने के लिए पौधा देना हो तो कांटेदार पौधे की जगह कोई सजावटी पौधा चुना जा सकता है. कांटों को तनाव और दूरी से जोड़कर देखा जाता है.
इसी तरह शादीशुदा बेटी को काले रंग के कपड़े उपहार में देना भी कुछ वास्तु मान्यताओं में शुभ नहीं माना जाता. हालांकि ये बातें धार्मिक और वास्तु मान्यताओं पर आधारित हैं, इनका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। Haryana E Khabar किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.
