चंडीगढ़ | राजधानी की चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (CHB) के मकानों में रहने वाले लोगों को अब लिफ्ट और रूफटॉप सोलर जैसी सुविधाएं लेने में आसानी होगी. बोर्ड के निदेशक मंडल ने आवासीय इकाइयों में जरूरत के मुताबिक बदलाव, लिफ्ट लगाने और प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर फोटोवोल्टिक प्लांट लगाने से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी है. नई व्यवस्था में किसी ब्लॉक में लिफ्ट लगाने के लिए हर निवासी की सहमति जरूरी नहीं होगी.
जो लोग लिफ्ट लगाने और उसके रखरखाव का खर्च उठाने के लिए तैयार होंगे, उन्हें प्रस्ताव में शामिल किया जा सकेगा. इससे वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और चलने-फिरने में परेशानी वाले लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी.
30 दिन में फैसला
लिफ्ट लगाने के लिए पंजीकृत आर्किटेक्ट के माध्यम से स्व-प्रमाणन योजना के तहत आवेदन करना होगा. CHB आवेदन मिलने के 30 दिनों के भीतर इस पर फैसला करेगा. ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम (OBPAS) पर सुविधा शुरू होने तक आवेदन ऑफलाइन भी जमा किए जा सकेंगे. लिफ्ट या लिफ्ट-वेल से घिरे क्षेत्र को ग्राउंड कवरेज या FAR की गणना में शामिल नहीं किया जाएगा. हालांकि, यह छूट स्वतंत्र आवासीय इकाइयों पर लागू नहीं होगी. निवासियों के बीच लिफ्ट से जुड़ा विवाद होने पर उसका निपटारा CHB के 1979 के नियमों के तहत होगा.
बनेगी स्पष्ट प्रक्रिया
स्वतंत्र आवासीय इकाइयों को चंडीगढ़ भवन नियम, 2017 के तहत मरला मकानों के समान माना जाएगा. तय नियमों के अनुसार जरूरत के मुताबिक बदलाव या पुनर्निर्माण की अनुमति होगी. इसके लिए SOP को भी मंजूरी दी गई है. वहीं, प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर लगाने के लिए CHB से अलग पूर्व अनुमति या NOC नहीं लेनी होगी. समिति की रिपोर्ट और CHB की सिफारिशें अब अंतिम मंजूरी के लिए चंडीगढ़ के प्रशासक के समक्ष रखी जाएंगी.
