हिसार | हरियाणा के हिसार में हुई पशुओं की नीलामी में भैंस संख्या 1131 खरीदारों के बीच आकर्षण का केंद्र रही. बोली के दौरान इसकी कीमत 2.80 लाख रुपए तक पहुंची और यह नीलामी में सबसे महंगा बिकने वाला पशु रहा. लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय में कुल 59 पशुओं की बिक्री से 47.21 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है.
विश्वविद्यालय के पशुधन उत्पादन प्रबंधन विभाग के भैंस फार्म में आयोजित सार्वजनिक नीलामी में सिर्फ हरियाणा ही नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों से भी खरीदार पहुंचे. पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सहित विभिन्न क्षेत्रों के करीब 250 पशुपालक, प्रजनक एवं अन्य खरीदार नीलामी में शामिल हुए.
रखे गए 59 पशु
कुलपति प्रो. डॉ. विनोद कुमार वर्मा के मार्गदर्शन में हुई नीलामी के लिए अलग- अलग आयु वर्ग के पशुओं को रखा गया था. इनमें 24 भैंस, 11 कटड़ियां और 24 कटड़े शामिल थे. इस तरह बिक्री के लिए कुल 59 पशुओं का चयन किया गया था. हालांकि, इनमें शामिल सभी पशुओं की बोली नीलामी वाले दिन नहीं लगी. 24 कटड़ों में से 11 कटड़ों को एक दिन पहले ही विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रजनकों और पंचायतों ने खरीद लिया था. इन पशुओं को प्रजनन के उद्देश्य से लिया गया.
44.70 लाख रुपए
पहले बिके 11 कटड़ों के बाद सार्वजनिक नीलामी के लिए 48 पशु बचे थे. खरीदारों ने इन पशुओं के लिए बोली लगाई और इनकी बिक्री से पशुधन उत्पादन प्रबंधन विभाग को 44.70 लाख रुपए की आय हुई. एक दिन पहले खरीदे गए 11 पशुओं की राशि भी इसमें जोड़ने के बाद सभी 59 पशुओं से कुल राजस्व 47.21 लाख रुपए तक पहुंच गया. पूरी नीलामी में भैंस संख्या 1131 को सबसे ज्यादा 2.80 लाख रुपए की कीमत मिली.
