चंडीगढ़ | हरियाणा के सरकारी स्कूलों में बिना हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (HTET) पास किए नौकरी कर रहे करीब 12 हजार शिक्षकों को अब परीक्षा पास करनी होगी. विद्यालय शिक्षा निदेशालय (हरियाणा) ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में नोटिस जारी कर शिक्षकों की सेवा और प्रमोशन को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है. नए आदेश का सबसे ज्यादा असर उन शिक्षकों पर पड़ेगा, जिनकी 1 सितंबर 2025 तक नौकरी 5 साल से अधिक बची है.
ऐसे शिक्षकों के लिए अपने संबंधित विषय का HTET पास करना अनिवार्य किया गया है. परीक्षा पास नहीं करने की स्थिति में उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ सकती है या अनिवार्य सेवानिवृत्ति (Compulsory Retirement) दी जा सकती है.
मिली राहत
जिन शिक्षकों की 1 सितंबर 2025 तक सेवा 5 साल से कम बची है और उन्होंने HTET पास नहीं किया है, वे सेवानिवृत्ति की निर्धारित आयु तक नौकरी जारी रख सकेंगे. हालांकि, ऐसे शिक्षक अगर पदोन्नति (Promotion) चाहते हैं तो संबंधित विषय में HTET पास करना जरूरी होगा. बिना HTET उन्हें प्रमोशन के लिए पात्र नहीं माना जाएगा. शिक्षकों को पर्याप्त अवसर देने के लिए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी (BSEH) को साल में दो बार HTET आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं.
जारी हुए आदेश
शिक्षा निदेशालय ने यह कदम सुप्रीम कोर्ट की सिविल अपील संख्या 1385/2025, अंजुमन इशात- ए- तलीम ट्रस्ट बनाम महाराष्ट्र राज्य व अन्य मामले में 1 सितंबर 2025 को दिए आदेश के अनुपालन में उठाया है. इस मामले में रिव्यू पिटीशन पर 29 मई 2026 को भी आदेश आया था. निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (DEEOs) को आदेश की जानकारी संबंधित शिक्षकों तक तुरंत पहुंचाने को कहा है. वहीं, हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन इस फैसले के खिलाफ दोबारा सुप्रीम कोर्ट की डिवीजन बेंच में जाने पर विचार कर रहा है.
