ज्योतिष डेस्क | गणेश उत्सव का इंतजार अब खत्म होने वाला है. 14 सितंबर से गणपति बप्पा घर- घर विराजमान होंगे. इसके साथ 10 दिनों तक चलने वाले गणेश उत्सव की शुरुआत हो जाएगी. आमतौर पर इस पर्व में पूजा, प्रसाद और सजावट पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है, लेकिन यह बच्चों को संस्कार और जीवन से जुड़ी जरूरी बातें समझाने का भी अच्छा अवसर है.
भगवान गणेश को ज्ञान, बुद्धि और शुभता का देवता माना जाता है. ऐसे में बच्चों को पूजा की छोटी-छोटी जिम्मेदारियां देकर उन्हें अपनी संस्कृति से जोड़ने के साथ अच्छी आदतें भी सिखाई जा सकती हैं.
पूजा स्थल की सफाई
गणेश स्थापना से पहले बच्चों को पूजा घर या पूजा स्थल साफ करने में शामिल करें. उन्हें समझाएं कि स्वच्छता केवल त्योहार तक सीमित नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी का जरूरी हिस्सा है. इससे उनमें घर के काम में सहयोग करने की आदत विकसित होगी.
बच्चों से लगवाएं भोग
घर में तैयार मोदक या सात्विक भोजन का भोग बच्चों से लगवाया जा सकता है. उन्हें बताएं कि भगवान को भोग अर्पित करना अन्न और ईश्वर की कृपा के प्रति आभार व्यक्त करने की परंपरा है. इससे बच्चे धार्मिक परंपराओं का महत्व समझेंगे.
सिखाएं गणेश मंत्र
पूजा के दौरान बच्चों को अपने साथ बैठाकर ‘ॐ गं गणपतये नमः’ का जाप करवाएं. भगवान गणेश को बुद्धि का देवता माना जाता है, इसलिए मंत्र जाप के साथ बच्चों को एकाग्रता और सकारात्मक सोच का महत्व भी समझाया जा सकता है.
बड़ों का सम्मान करना बताएं
पूजा पूरी होने के बाद बच्चों से घर के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेने को कहें. इसी दौरान उन्हें गणेश जी की वह कथा सुनाई जा सकती है, जिसमें उन्होंने माता-पिता की परिक्रमा को पूरी दुनिया की परिक्रमा के समान माना था.
जरूरतमंदों की मदद करवाएं
गणेश उत्सव के दौरान बच्चों के हाथों से जरूरतमंदों को फल, भोजन या जरूरी सामान दान करवाएं. इससे उनके मन में दया, संवेदनशीलता और दूसरों की मदद करने की भावना मजबूत होगी. यही त्योहार की खुशियों को बांटने का सबसे अच्छा तरीका भी है.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। Haryana E Khabar किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.
