चंडीगढ़ | हरियाणा में आपदा या किसी बड़े आपातकाल के समय प्रशासन की मदद के लिए 5,200 और युवाओं को तैयार किया जाएगा. प्रदेश के 14 जिलों में इन युवाओं को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण देने का फैसला किया गया है. ट्रेनिंग पूरी करने वाले स्वयंसेवकों को इमरजेंसी रिस्पॉन्डर किट के साथ 3 वर्ष का जीवन एवं चिकित्सा बीमा कवर भी दिया जाएगा. इस संबंध में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में राज्य आपदा प्रबंधन कार्यकारिणी समिति की बैठक हुई.
बैठक में आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों और युवाओं को प्रशिक्षण देकर राहत एवं बचाव कार्यों में उनकी भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा की गई. प्रशिक्षण लेने के बाद इन युवाओं की भूमिका केवल आपदा आने के बाद राहत कार्य तक सीमित नहीं रहेगी.
साथ मिलकर करेंगे काम
उन्हें मॉक ड्रिल और आपातकालीन अभ्यास में भी शामिल किया जाएगा. जरूरत पड़ने पर भीड़ प्रबंधन और राहत कार्यों के दौरान प्रशिक्षित स्वयंसेवक स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम करेंगे. राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा के मुताबिक ये युवा मॉक ड्रिल, आपातकालीन अभ्यास, भीड़ प्रबंधन और राहत कार्यों में प्रशासन का सहयोग करेंगे.
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में राज्य आपदा प्रबंधन कार्यकारिणी समिति की बैठक हुई।
हरियाणा के 14 जिलों में 5,200 और युवाओं को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षित स्वयंसेवकों को इमरजेंसी रिस्पॉन्डर किट और 3 वर्ष का जीवन एवं चिकित्सा बीमा कवर मिलेगा।… pic.twitter.com/tQcRjp4mxL
— DPR Haryana (@DiprHaryana) September 18, 2026
होंगे प्रशिक्षित स्वयंसेवक
नई व्यवस्था के तहत हरियाणा के 14 जिलों में कुल 5,200 और युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाना है. ट्रेनिंग के बाद स्वयंसेवकों को इमरजेंसी रिस्पॉन्डर किट उपलब्ध कराई जाएगी. साथ ही उन्हें 3 वर्ष के लिए जीवन एवं चिकित्सा बीमा कवर दिया जाएगा. इससे प्रशिक्षण लेने वाले युवा प्रशासन के साथ अलग- अलग आपदा प्रबंधन गतिविधियों और अभ्यासों में सहयोग कर सकेंगे.
