चंडीगढ़ | हरियाणा में पुराने कर और दूसरी बकाया देनदारियों का निपटारा करने वाले पात्र करदाताओं को अतिरिक्त समय मिल गया है. प्रदेश सरकार ने हरियाणा एकमुश्त समाधान योजना-2026 की समयसीमा को दो महीने आगे बढ़ाने का फैसला किया है. अब योजना के तहत निर्धारित प्रक्रिया 30 नवंबर 2026 तक पूरी की जा सकेगी. पहले इसके लिए 30 सितंबर अंतिम तारीख तय थी.
आबकारी एवं कराधान विभाग की ओर से 28 सितंबर को जारी अधिसूचना में समयसीमा बढ़ाने की जानकारी दी गई है. योजना के बाकी नियमों और पात्रता की शर्तों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
30 नवंबर तक मिलेगा आवेदन का मौका
नई समयसीमा का फायदा उन पात्र करदाताओं को मिल सकता है, जिनके पुराने कर, शुल्क या दूसरी देनदारियां अभी लंबित हैं और वे तय समय में समाधान की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए थे. अधिसूचना के मुताबिक, हरियाणा बकाया देय व्यवस्था अधिनियम, 2017 के तहत प्राप्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए योजना में निर्धारित अवधि को 30 नवंबर तक बढ़ाया गया है. इस बदलाव के बाद पात्र करदाताओं के पास अपने पुराने बकाये के निपटारे के लिए पहले के मुकाबले दो महीने का अतिरिक्त समय रहेगा.
बाकी नियम रहेंगे वही
सरकार की ओर से फिलहाल योजना की पात्रता या दूसरी शर्तों में बदलाव नहीं किया गया है. इसका मतलब है कि केवल अंतिम तारीख आगे बढ़ाई गई है. योजना के तहत लाभ लेने के लिए पहले से निर्धारित नियम और शर्तें ही लागू रहेंगी. ऐसे करदाता जो योजना के दायरे में आते हैं, वे नई समयसीमा के अनुसार अपनी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. आवेदन करने से पहले पात्रता और बकाया राशि से संबंधित शर्तों को देखना जरूरी होगा.
मिला अतिरिक्त समय
एकमुश्त समाधान योजना का उद्देश्य लंबित कर, शुल्क और अन्य पात्र देनदारियों से जुड़े पुराने मामलों के निपटारे का अवसर देना है. समय बढ़ने से उन करदाताओं को प्रक्रिया पूरी करने का एक और मौका मिल गया है, जो 30 सितंबर की पुरानी डेडलाइन तक इसका लाभ नहीं ले पाए थे. नई व्यवस्था के बाद 30 नवंबर 2026 इस योजना के लिए महत्वपूर्ण तारीख होगी. पात्र करदाताओं को इसी अवधि के भीतर निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होगी.
