नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मेट्रो से सफर करने वाले यात्रियों को कई बार अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए लाइन बदलनी पड़ती है। ऐसे में अगर एक ही स्टेशन पर 3 मेट्रो लाइनों की सुविधा मिल जाए तो सफर काफी आसान हो सकता है। राजधानी में मैजेंटा लाइन के विस्तार से यात्रियों को ऐसी ही सुविधा मिलने वाली है। बता दें कि दिल्ली मेट्रो की मैजेंटा लाइन का विस्तार पूरा होने के बाद केंद्रीय सचिवालय, नई दिल्ली, आजादपुर और इंद्रलोक स्टेशन तीन-तीन मेट्रो लाइनों के इंटरचेंज हब बन जाएंगे।

इससे यात्रियों को येलो, वायलेट, रेड और एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन सहित अलग-अलग रूटों पर ट्रेन बदलने में आसानी होगी। विस्तार के बाद बाटेनिकल गार्डन से इंद्रलोक तक मैजेंटा लाइन का कॉरिडोर करीब 89 किलोमीटर लंबा हो जाएगा।
मिलेगी सुविधा
इसमें कुल 65 स्टेशन होंगे, जिनमें 40 भूमिगत होंगे। इस विस्तार के तहत रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक सेंट्रल विस्टा वाला कॉरिडोर फेज-वीए में मंजूर है। वहीं, इंद्रप्रस्थ से इंद्रलोक तक का हिस्सा भी मैजेंटा लाइन से जोड़ा जाएगा। केंद्रीय सचिवालय स्टेशन पर मैजेंटा लाइन का संपर्क येलो और वायलेट लाइन से होगा। वहीं, नई दिल्ली स्टेशन पर यात्री येलो और एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के साथ इसका इंटरचेंज कर सकेंगे। भूमिगत रास्तों से लाइन बदलने की सुविधा मिलेगी।
कॉरिडोर के 17 अन्य स्टेशनों पर भी इंटरचेंज की सुविधा प्रस्तावित है। इनमें आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-1, कलिंदी कुंज, चिराग दिल्ली, पीरागढ़ी, पीतमपुरा, मजलिस पार्क और दिल्ली गेट जैसे स्टेशन शामिल हैं।
हौज खास सबसे गहरा
इस विस्तार में इंजीनियरिंग की खास विशेषताएं भी देखने को मिलेंगी। हैदरपुर बादली मोड़ पर रेल स्तर की ऊंचाई करीब 28.36 मीटर होगी। वहीं, हौज खास स्टेशन लगभग 29 मीटर की गहराई पर स्थित है और इसे दिल्ली मेट्रो का सबसे गहरा भूमिगत स्टेशन माना जाता है। डीएमआरसी के अनुसार, फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में मेट्रो नेटवर्क करीब 416 किलोमीटर लंबा है और इसमें 303 स्टेशन हैं।