चंडीगढ़ | बिजली की लाइनों और सब-स्टेशनों पर काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा बेहद अहम होती है। छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे की वजह बन सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने तकनीकी कर्मचारियों के प्रमोशन से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। बता दें कि DHBVN ने साफ कर दिया है कि अब असिस्टेंट लाइनमैन (ALM) और सब-स्टेशन अटेंडेंट (SA) को लाइनमैन (LM) और असिस्टेंट सब-स्टेशन अटेंडेंट (ASSA) के पद पर प्रमोशन पाने के लिए सेफ्टी कोड टेस्ट पास करना अनिवार्य होगा।

बिना परीक्षा पास किए भविष्य में किसी कर्मचारी को इन पदों पर प्रमोट नहीं किया जाएगा। पे-फिक्सेशन ऑडिट के दौरान कुछ अनियमितताएं सामने आने के बाद निगम प्रबंधन ने यह दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
रुकेंगे वित्तीय लाभ
हालांकि, पहले ही बिना टेस्ट पास किए प्रमोट हो चुके कर्मचारियों को एक बार राहत दी गई है। ऐसे कर्मचारियों को पद संभालने की तारीख से छह महीने के भीतर सेफ्टी कोड टेस्ट पास करना होगा। निगम के आदेश के मुताबिक, यदि कोई कर्मचारी तय छह महीने में परीक्षा पास नहीं कर पाता है, तो उसके इंक्रीमेंटल बेनेफिट्स रोक दिए जाएंगे। टेस्ट पास करने की तारीख तक ये लाभ केवल नोशनल आधार पर ही दिए जाएंगे। ऐसे में कर्मचारियों के लिए तय समय में परीक्षा पास करना जरूरी होगा।
हर तीन महीने में होगी परीक्षा
कर्मचारियों को परीक्षा देने के पर्याप्त अवसर मिल सकें, इसके लिए निगम ने XEN/मॉनिटरिंग को जरूरी व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। अब संबंधित कार्यालयों में हर तीन महीने में सेफ्टी कोड टेस्ट आयोजित किया जाएगा। निगम ALM, LM, SA, ASSA, SSA, AFM और JE जैसे पदों के लिए सेफ्टी कोड टेस्ट की अनिवार्यता को स्पष्ट करेगा। इसके लिए नियमों में जरूरी संशोधन किए जाएंगे। साथ ही, ‘अन्य तकनीकी अधीनस्थ’ जैसे अस्पष्ट शब्दों की जगह स्पष्ट पदनाम और नियम तय किए जाएंगे।