चंडीगढ़ | सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को पढ़ाई के साथ अच्छा और पौष्टिक भोजन मिले, इसके लिए मिड-डे मील योजना चलाई जा रही है। अब हरियाणा के स्कूलों में बच्चों को रोज एक जैसा खाना नहीं मिलेगा। उनके खाने में अलग-अलग व्यंजन शामिल किए गए हैं, ताकि स्वाद के साथ पोषण का भी ध्यान रखा जा सके। बता दें कि हरियाणा सरकार ने प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम पोषण) योजना के तहत प्राथमिक और मिडिल कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए मिड-डे मील का मेन्यू बदल दिया है।

मौलिक शिक्षा महानिदेशक की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, अब स्कूलों में चार सप्ताह का नया भोजन चार्ट लागू होगा। संशोधित मेन्यू के अनुसार पहले सप्ताह में सोमवार को सब्जी पुलाव और काला चना, मंगलवार को रोटी और घीया चना दाल, बुधवार को राजमा चावल, वीरवार को कढ़ी पकौड़ा और चावल दिया जाएगा।
दूसरे और तीसरे सप्ताह का मेन्यू
शुक्रवार को गुड़ रोटी व दही और शनिवार को मिलेट परांठा व दही मिलेगा। दूसरे सप्ताह में सोमवार को सोया खिचड़ी, मंगलवार को मीठा दलिया, बुधवार को चावल और सफेद चना, वीरवार को चना दाल खिचड़ी, शुक्रवार को मिस्सी परांठा और शनिवार को दाल चावल परोसे जाएंगे। वहीं, तीसरे सप्ताह में सोमवार को दाल चावल, मंगलवार को रोटी और मूंग-मसूर दाल, बुधवार को मिस्सी रोटी व मौसमी सब्जी, वीरवार को मीठे मूंगफली चावल, शुक्रवार को नमकीन दलिया और शनिवार को गेहूं-रागी का पूड़ा मिलेगा। चौथे सप्ताह में फिर पहले सप्ताह वाला मेन्यू दोहराया जाएगा।
खुद चखना होगा खाना
प्राथमिक और मिडिल कक्षाओं के लिए भोजन की मात्रा अलग-अलग निर्धारित की गई है। प्रत्येक व्यंजन में इस्तेमाल होने वाले कच्चे अनाज के साथ प्रोटीन, ऊर्जा, कैल्शियम और आयरन की मात्रा का भी विवरण दिया गया है। निर्देशों के मुताबिक, सभी व्यंजन स्कूल परिसर में स्कूल मुखिया की निगरानी में तैयार होंगे। भोजन की गुणवत्ता और सही मात्रा सुनिश्चित करने के साथ बच्चों को परोसने से पहले स्कूल मुखिया को खुद खाना चखना भी अनिवार्य होगा।