ट्रेनों की बढ़ी ऑनलाइन टिकट बुकिंग, खाना परोसने की तैयारी में आईआरसीटीसी

अंबाला | कोरोना की दूसरी लहर कमजोर होने के साथ ही ट्रेनों का संचालन सामान्य होता जा रहा है. हालांकि मौजूदा समय में करीब 80 फीसद ट्रेनें ही पटरी पर दौड़ रही है. ट्रेनों की संख्या कम होने के बावजूद ऑनलाइन टिकट बुकिंग बढ़ गई है. इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन ( आईआरसीटीसी) की वेबसाइट पर रोजाना अब करीब 11 लाख टिकट बुक हो रही है. जबकि कोरोना काल से पहले यह आंकड़ा 8.50 लाख का था. दूसरी ओर रेलवे अब ट्रेनों में खाना परोसने के लिए भी आईआरसीटीसी को जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी में है. मौजूदा समय कंपनियों का पैक खाना ही यात्रियों को परोसा जा रहा है.

RAIL TRAIN

मार्च 2020 से पहले के आंकड़ों पर गौर करें तो आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर रोजाना 8.50 लाख टिकट बुक होती थी. उस समय 20 से 25 फीसद तक टिकट रद्द भी हो जाती थी. टिकट रद्द होने का कारण यात्रियों की कंफर्म टिकट न होना था. जबकि मौजूदा समय में टिकट रद्द का आंकड़ा भी घटकर 14 से 15 फीसद तक रह गया है. रेल मंत्रालय ने कोरोना की गाइडलाइंस के चलते अभी भी सामान्य ट्रेनों को पूरी तरह से नहीं चलाया है. यात्रियों की सुविधा के लिए सामान्य ट्रेनों को भी मेल एक्सप्रेस का दर्जा देकर चलाया गया. ऐसे में जो लोग सामान्य टिकट लेकर यात्रा करते थे अब उनको भी आईआरसीटीसी की वेबसाइट या फिर स्टेशन पर टिकट बुकिंग करानी पड़ती है. यही कारण है कि टिकट बुकिंग का आंकड़ा बढ़ गया है.

इसके अलावा शताब्दी,राजधानी जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों में आईआरसीटीसी ही यात्रियों को खाना परोसने की जिम्मेदारी निभा रही थी. लेकिन कोरोना के चलते आईआरसीटीसी ने खाना परोसना बंद कर दिया था. यात्रियों की डिमांड ई-कैटङ्क्षरग सुविधा दी जा रही है. कंपनियों का पैक खाना यात्रियों को परोसा जा रहा है. अब रेलवे आईआरसीटीसी के माध्यम से फिर से खाना परोसने की तैयारी कर रहा है और इसके लिए मंत्रालय से हरी झंडी का इंतजार है.

पैसेंजर ट्रेन के लिए करना होगा इंतजार

अब ट्रेनों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ने से स्टेशन पर रौनक नजर आने लगी है. करीब 1500 ट्रेनें पटरी पर आ चुकी है, लेकिन पैसेंजर ट्रेनों के लिए इंतजार करना पड़ेगा. गौरतलब है कि कोरोना काल से पहले औसतन रोजाना लगभग 1768 मेल और एक्सप्रेस ट्रेन संचालित होती थी.

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