भिवानी | कहते हैं संघर्ष करने वाले ही सफलता की अद्भुत कहानी लिखते हैं. इसी कड़ी में भिवानी जिले के छोटे से कस्बे बहल के अमरजीत चौधरी का 15 किलोग्राम दूध से शुरू किया गया स्टार्टअप आज विदेशों में भी पहचान बनाए है. दूध से बने उनके उत्पाद आस्ट्रेलिया, कनाडा, जर्मनी जैसे देशों में खूब पसंद किए जा रहे हैं. वर्तमान में उनके व्यवसाय से जुड़कर सैकड़ों आदमी अपने परिवार का जीवन-यापन कर रहे हैं.
बहल के रसगुल्ले
गणपति डेयरी के नाम से शुरू हुआ संस्थान आज जीरो से ग्लोबल ब्रांड रिसेंट की प्रेरणादायक स्टार्टअप यात्रा तक वर्तमान में पांच देशों में अपने पैर जमा चुकी है. हाथों से खेती काश्त व पशु का दूध दूहने वाले अमरजीत चौधरी हजारों करोड़ की कंपनी का मालिक बन इस क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन चुके हैं.
खुद की तकनीक से हासिल किया मुकाम
अमरजीत चौधरी की इस गणपति डेयरी की नींव 1 अगस्त 2017 को रखी गई थी. शुरुआत सिर्फ 15 किलोग्राम दूध से हुई थी. उस समय न संसाधन थे और ना ही पूंजी व कोई सिस्टम था. साथ था केवल मेहनत, हौसला और विश्वास. अमरजीत की कंपनी आज USA, कनाडा, आस्ट्रेलिया व खाड़ी के अरब देशों में डेयरी के उत्पादों का निर्यात कर रही है. या यूं कहें हरियाणा के अंतिम छोर पर बसे कस्बे बहल की मिठास को दुनिया तक पहुंचा रही है.
सीईओ अमरजीत व भाई अजीत चौधरी बताते हैं उन्होंने अपने इस व्यवसाय की तकनीक जो बाहर से नहीं, भीतर में ही तैयार की. उन्होंने टेक्नोलॉजी खरीदी नहीं बल्कि सोच, अनुभव और जरूरत से बनाई गई है.
उनकी सफलता का सबसे बड़ा कारण गुणवत्ता वृद्धि रही है. कंपनी का सबसे बड़ा प्रचार माध्यम एक संतुष्ट ग्राहक की मुह बोलती जुबानी रही है. भविष्य की स्पष्ट सोच आने वाले वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपये की वैल्यूएशन हासिल करना लक्ष्य रखा गया है- अजीत चौधरी
