नई दिल्ली | सेंट्रल बोर्ड का स्कूल एजुकेशन (CBSE) द्वारा कक्षा 10वीं व 12वीं के प्रैक्टिकल, प्रोजेक्ट और इंटरनल असेस्मेंट के लिए नई गाइडलाइन और एसओपी जारी कर दिए गए है. बोर्ड के मुताबिक प्रैक्टिकल, प्रोजेक्ट व इंटरनल असेस्मेंट के अंक उसी दिन अपलोड करने होंगे, जिस दिन एग्जाम होगा. लास्ट डेट के बाद इसमें सुधार नहीं हो सकेगा. गलत अपलोडिंग होने पर बोर्ड की तरफ से करेक्शन की अनुमति नहीं मिलेगी.
छात्रों को ही प्रैक्टिकल देने की अनुमति
सीबीएसई ने प्रैक्टिकल आंसर बुक में एक नया कॉलम शामिल है, जिसमें इंटरनल और एक्सटर्नल एग्जामिनर को प्रमाणित करना होगा कि मार्क्स सही अपलोड किए गए है. एलओसी में शामिल छात्रों को ही प्रैक्टिकल देने की अनुमति रहेंगी. अगर नाम लिस्ट में नहीं है, तो तुरंत रीजनल ऑफिस से संपर्क करना होगा. सीबीएसई का कहना है कि प्रैक्टिकल व इंटरनल असेस्मेंट के मार्क्स थ्योरी परीक्षा की तरह सीक्रेट रहेंगे.
1 जनवरी से 14 फरवरी तक होंगे प्रैक्टिकल
बोर्ड ने स्कूलों को प्रैक्टिकल निर्धारित समय में कराने के निर्देश जारी किये गए हैं. रेगुलर स्कूल के प्रैक्टिकल एक जनवरी 2026 से 14 फरवरी के बीच आयोजित किये जायेंगे. बोर्ड का कहना है कि तारीखें आगे ही बढ़ाई जाएंगी. अगर कोई स्कूल नियमों का पालन नहीं करता, तो प्रैक्टिकल को रद्द किया जाएगा व बोर्ड अपनी निगरानी में दोबारा से प्रैक्टिकल करवाएगा. 10वीं कक्षा के लिए जो निर्देश जारी किए गए हैं. उनके अनुसार, कोई एक्सटर्नल एग्जामिनर नहीं होगा व आंसर बुक स्कूल खुद देगा.
12वीं कक्षा के लिए रहेंगे यह निर्देश
आंसर बुक बोर्ड को भेजने की जरूरत नहीं होगी. 12वीं कक्षा के लिए बोर्ड हर स्कूल में एक्सटर्नल एग्जामिनर की नियुक्ति करेगा. प्रैक्टिकल से एक दिन पहले लैब का निरीक्षण अनिवार्य रूप से होना चाहिए व हर बैच में अधिकतम 30 छात्र हो. एग्जामिनर व ऑब्जर्वर की उपलब्धता सुनिश्चित करना स्कूल की जिम्मेदारी रहेंगी.
