चंडीगढ़ | हरियाणा में करीब 4 लाख परिवार खाद्य सुरक्षा योजना से बाहर हो गए हैं. केंद्र सरकार के 3 पैमानों पर हुए आंकलन के बाद यह मामला सामने आया. किसी परिवार की आमदनी तय सीमा से ज्यादा निकली तो किसी के नाम कार या बाइक दर्ज होने की वजह से राशन कार्ड काट दिए गए. जब ये लोग राशन डिपो पर राशन लेने पहुंचे तब जाकर पूरा मामला उजागर हुआ. सरकार के पास राशन कार्ड कटने की शिकायतों की भरमार लग गई और यह मुद्दा विधानसभा में भी उठा.

विपक्ष ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय लाखों कार्ड बनाए गए और जीत के बाद उन्हें रद्द कर दिया गया. इन शिकायतों को दूर करने के लिए सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है. साथ ही, CRID (Citizen Resources Information Department) पोर्टल शुरू किया है.
हरियाणा में मौके पर समाधान
इस पोर्टल की खासियत यह है कि शिकायत का समाधान मौके पर ही किया जाएगा. सरकार ने पूरी प्रक्रिया 31 अगस्त तक निपटाने के निर्देश दिए हैं. परिवार पहचान पत्र के स्टेट कॉडिनेटर सतीश खोला ने बताया कि खाद्य आपूर्ति विभाग के पास पहले कोई ऐसा प्लेटफार्म नहीं था जिससे शिकायतों का समाधान हो सके. इसी वजह से मुख्यमंत्री के निर्देश पर CRID पोर्टल लॉन्च किया गया और खाद्य आपूर्ति नियंत्रकों तथा फूड सेफ्टी इंस्पेक्टरों को इसके लिए प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है.
ऐसे जुड़ेगा नाम
उन्होंने बताया कि प्रदेश में हर परिवार का डाटा परिवार पहचान पत्र और आधार से जुड़ा है. इसी डाटा के आधार पर दो जगह से राशन लेने वालों, वाहन मालिकों और आयकरदाताओं को योजना से बाहर किया गया. शिकायत मिलने पर फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर घर जाकर जांच करेंगे और रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करेंगे. जांच सही पाए जाने पर परिवार दोबारा योजना में शामिल हो जाएगा.