फरीदाबाद | नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन हो चुका है. यहां से उड़ानें भी शुरू हो चुकी हैं, लेकिन इसका पूरा फायदा फरीदाबाद, पलवल, गुरुग्राम और नूंह के लोगों को तभी मिल पाएगा जब ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा हो जाएगा. सेक्टर- 65 साहूपुरा से शुरू होने वाला यह 32 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा बनाया जा रहा है जिसमें से नौ किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश और 23 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा की सीमा में आता है.

इंफ्राटेक कंपनी इस 3600 करोड़ रुपये की परियोजना का निर्माण कर रही है, जो 20 गांवों की जमीन से होकर गुजरेगी. केंद्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी और केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर पहले ही इस साइट का दौरा कर चुके हैं और अप्रैल 2027 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
लोगों को राहत
इस परियोजना की राह में सोतई गांव की जमीन को लेकर एक विवाद अब भी बाधा बना हुआ है. यह गांव फिलहाल नगर निगम क्षेत्र में शामिल हो चुका है और यहां की पट्टीशामलात भूमि पर कई किसान अपना दावा जता रहे हैं. नगर निगम ने इस जमीन को अपनी संपत्ति बताते हुए इसका मुआवजा लेने की कोशिश की, जिसके बाद किसान कोर्ट पहुंच गए. जिला भूमि अर्जन अधिकारी ने भी मुआवजे की राशि कोर्ट में जमा करवा दी है.
जेवर एयरपोर्ट कनेक्टिविटी
NHAI ने पुलिस और प्रशासन की मदद से कई बार जमीन पर कब्जा लेने की कोशिश की लेकिन किसानों की तरफ से सहयोग नहीं मिला. पूर्व सरपंच दिनेश सिंह के मुताबिक करीब तीन एकड़ जमीन ऐसी है जिस पर अब तक कब्जा नहीं मिल पाया है. इस मामले पर 31 जुलाई को कोर्ट में सुनवाई होनी है, जहां किसानों के मुआवजे को लेकर फैसला लिया जाएगा. वहीं, बल्लभगढ़ की एसडीएम मयंक भारद्वाज का कहना है कि ज्यादातर किसानों से जमीन का कब्जा ले लिया गया है. सिर्फ 200 मीटर का हिस्सा बचा है जिसे जल्द सुलझा लिया जाएगा.