चंडीगढ़ | संयुक्त पात्रता परीक्षा यानी CET 2025 की नॉर्मलाइजेशन प्रोसेस को चुनौती देने वाली लेटर्स पेटेंट अपील को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट द्वारा खारिज कर दिया गया है. यह अपील 2 सितंबर को सिंगल बेंच द्वारा पारित आदेश के विरुद्ध दायर की गई थी. जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा, रोहित कपूर की खंडपीठ ने एकल जज के निर्णय को सही ठहराया.

माना गया वैध
उन्होंने साफ किया कि नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया मूल्यांकन विधि है. ये परीक्षाओं में प्रश्नों के लेवल में असमानता को बैलेंस करने के लिए अपनाई जाती है. परीक्षा का रिजल्ट घोषित नहीं होने तक इसका क्या इफ़ेक्ट पड़ेगा इसका पता नहीं चल सकता व इस स्थिति में याचिका समय से पहले दायर कर दी गई है. सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों का हवाला देते हुए कहा गया कि नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया को पहले ही वैध माना जा चुका है.
दिए गए निर्देश
राज्य सरकार के वकील ने दलील पेश की कि याचिकाकर्ता ने सोशल मीडिया पर ऐसे पोस्ट किए हैं. इनसे प्रतीत होता है कि वे हाई कोर्ट में लंबित मुकदमे को मैनेज कर रहे हैं. कोर्ट में स्क्रीनशॉट भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें यह भी दिखाया गया कि संबंधित व्यक्ति ने छात्रों से यूपीआई क्यूआर कोड के जरिये धन इकट्ठा किया है. इससे यह इशारा मिला कि वह व्यक्ति हाई कोर्ट में कार्यरत हो सकता है. कोर्ट ने कहा कि अगर यह सच है, तो यह गंभीर मामला है. इस पर सारे सबूत सील कर रजिस्ट्रार जनरल को सौंपने के निर्देश दिए गए.