सहकारी बैंक से लिया कर्ज नहीं लौटा रहे किसान, सेटलमेंट की तैयारी

चंडीगढ़ | हरियाणा में करीब साढ़े तीन लाख किसान हरियाणा राज्य सहकारी एपेक्स बैंक लिमिटेड (हरको) से लिया कर्ज नहीं लौटा रहे हैं. एनपीए (नॉन परफॉर्मिंग एसेट) खाता धारकों को अपना खाता सुचारू करने के लिए बैंक की जल्द ही सेटेलमेंट स्कीम लाने की तैयारी में है. इससे किसान एकमुश्त राशि देकर अपने खाते को नियमित कर सकेंगे.

shkari bank

हरको बैंक की ओर से किसानों को जीरो प्रतिशत ब्याज पर डेढ़ लाख रुपये तक ऋण दिया जाता है. हालांकि इसकी एवज में बैंक की ओर से सरकार से 7 फीसद ब्याज लिया जाता है. जिसमें से 3 फीसद केंद्र सरकार और 4 फीसद की भरपाई प्रदेश सरकार करती है. इस तरह ऋण राशि निर्धारित समय पर लौटाने वाले किसानों को बगैर ब्याज ऋण की सुविधा मिली हुई है. वर्तमान में बैंक की ओर से प्रदेश भर में साढ़े 11 लाख किसानों को साढ़े 11 हजार करोड़ रुपये का ऋण दिया गया है. इनमें से साढ़े 3 लाख किसान एनपीए है, यानी ऋण राशि को चुकता नहीं कर रहे हैं.

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किसानों द्वारा ऋण नहीं चुकाने के कारण भी अलग-अलग है. कुछ मामले ऐसे भी हैं जिनमें ऋण लेने वाले किसानों की आकस्मिक मृत्यु हो गई तो किसी की कोरोना या अन्य बीमारी से मौत हो गई. बड़ी संख्या में किसान दूसरे कारणों के चलते ऋण राशि नहीं चुका पाए. इसके चलते बैंक अधिकारियों को रिकवरी में काफी दिक्कतें आ रही है.

हरको बैंक के चेयरमैन अरविंदर यादव कहते हैं कि किसानों की आय बढ़ाई जाए, इसको लेकर प्रदेश सरकार कई योजनाओं पर काम कर रही है. इसी कड़ी में बैंक की ओर जीरो ब्याज दर पर दिए जाने वाली ऋण राशि को दोगुना करने का प्रारूप तैयार किया गया है. मुख्यमंत्री की ओर से हरी झंडी मिलते ही किसानों को इसका लाभ मिलेगा. वन टाइम सेटेलमेंट स्कीम भी तैयार की जा रही है. ताकि किसान एकमुश्त राशि में अपना ऋण चुकता कर सके और अन्य जरूरतमंद किसानों को भी ऋण संबंधित योजनाओं का लाभ मिल सके.

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हरको बैंक ने इस बार 80 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है. किसानों को इसका लाभ पहुंचाने के लिए बैंक ने किसानों को दिए जाने वाले ऋण की राशि को दोगुना करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री मनोहर लाल के पास भेजा है. मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलते ही किसानों को 3 लाख रुपये तक का लोन दिया जा सकेगा. भारतीय किसान यूनियन सहित तमाम किसान संगठन किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने की मांग लंबे समय से कर रहे हैं. वर्ष 2009 से किसानों के कर्ज की लिमिट नहीं बढ़ाई गई है. अब 12 साल बाद किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट दोगुनी करने की तैयारी है. इसके बाद चल रहे मेंबर क्रेडिट लिमिट (एमसीएल) को भी शुरू किया जा सकेगा.

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