चंडीगढ़ | हरियाणा में किसानों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. धान की पराली अब किसानों और उद्योगों के लिए परेशानी नहीं बल्कि कमाई का साधन बन सकती है. कृषि विभाग की योजना से पराली से जुड़ा उद्योग लगाने वालों को 65 प्रतिशत तक सब्सिडी का लाभ मिलेगा. मंगलवार को जारी बयान में उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने यह जानकारी दी.
पराली से मिलेगा रोजगार
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत पराली आधारित उद्योग, किसान समूह, सहकारी समितियां और पंचायतें आवेदन कर सकती हैं. योजना के तहत, उद्योगों को पराली आधारित इकाइयां लगाने के लिए 15 जुलाई तक विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा.
परेशानी नहीं समाधान…
हरियाणा सरकार द्वारा किसानों के लिए पराली सप्लाई चेन पर 65% तक अनुदान!ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि15 जुलाई 2025 है।
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— DPR Haryana (@DiprHaryana) July 9, 2025
उन्होंने बताया कि यह योजना उन क्षेत्रों में लागू होगी जहां इकाई 25 किलोमीटर के दायरे में होगी. कृषि विभाग की ओर से 65 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा. पहले विकल्प में उद्योग 25 प्रतिशत और एग्रीगेटर 10% खर्च करेगा. दूसरे विकल्प में एग्रीगेटर को 35 प्रतिशत योगदान देना होगा. इन इकाइयों के लिए बेलर, टेडर, टेली हैंडलर, नमी मापक यंत्र, श्रेडर, ट्रैक्टर जैसे आधुनिक यंत्रों पर सब्सिडी का लाभ मिलेगा.
अतिरिक्त आमदनी कर सकेंगे किसान
कृषि उपनिदेशक डॉ. वीरेंद्र देव आर्य ने बताया कि यह योजना उन आवेदकों के लिए लाभकारी है, जो पिछले 2 सालों से पराली प्रबंधन का कार्य कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि जिन आवेदकों ने 2024- 25 में आवेदन किया है, उन्हें दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है. प्रदेश सरकार की इस प्रोत्साहन योजना से पराली जलाने की घटनाओं में कमी आएगी. वहीं, किसान भी पराली बेचकर अतिरिक्त आमदनी कर सकेंगे.
