चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार सूबे में गौ संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है. इसी कड़ी में प्रदेश सरकार ने राज्य की 619 गौशालाओं के लिए 70 करोड़ 43 लाख 23 हजार रुपए की अनुदान राशि जारी की हैं. सीएम नायब सैनी ने मंत्रियों और विधायकों के माध्यम से गौशालाओं में इस अनुदान राशि के चेक भिजवाएं है.

साल में 2 बार मिलेगा एकमुश्त पैसा
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि भविष्य में अब साल में चार बार अनुदान देने की बजाय गौशालाओं को एकमुश्त साल में दो बार अनुदान दिया जाएगा. हर 3 महीने के अंतराल पर चार बार चारा अनुदान दिए जाने से गौशालाओं को परेशानी आ रही थी.
अब राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि अब साल में दो बार धान व गेहूं की फसल मंडियों में आने से पहले यह अनुदान राशि गौशालाओं को प्रदान की जाएगी. इसके अलावा मुख्यमंत्री ने राज्य की 29 गौशालाओं के लिए शेड बनाने की अनुमति प्रदान की है जबकि 68 गौशालाओं में सोलर प्लांट लगाने की अनुमति दी गई है.
हरियाणा गौशाला आयोग के अध्यक्ष श्रवण कुमार गर्ग ने बताया कि अब साल में दो बार अनुदान देने का फैसला इसलिए लिया गया है ताकि गौशालाएं फसलों से खेत खाली होते ही गायों के लिए हरा और सूखा चारा तुरंत खरीद सकें. अभी तक मोटे तौर पर करीब 500 करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान राशि गौशालाओं को प्रदान की जा चुकी है.
गौवंश संरक्षण के लिए कानून
प्रदेश सरकार ने गौवंश की तस्करी रोकने के लिए हरियाणा गोवंश संरक्षण एवं संवर्धन अधिनियम 2015 बनाया हुआ है, जिसमे गायों की हत्या, तस्करी और अवैध गतिविधियों पर रोक का प्रविधान है. गोहत्या या बीफ का व्यापार करने पर तीन से 10 साल तक की सजा और 1 लाख रुपये या अधिक जुर्माना किया जा सकता है.