चंडीगढ़ | हरियाणा में काम कर रहे ग्रामीण जलकर्मियों के लिए एक अच्छी खबर है. हरियाणा के श्रम विभाग की तरफ से ग्रामीण जल कर्मियों के बढ़े हुए न्यूनतम वेतन को लागू करने संबंधी अहम दिशा निर्देश जारी किए गए हैं. श्रम आयुक्त हरियाणा द्वारा विकास एवं पंचायत विभाग को लेटर भेजा गया है. इस भेजे गए पत्र में यह स्पष्ट किया गया है कि ट्यूबवेल ऑपरेटरों को अब “स्किल्ड” श्रेणी में माना जाएगा और उसी आधार पर उन्हें वेतन मिलेगा.

हरियाणा में जलकर्मियों के लिए खुशखबरी
सरकार के इस निर्णय से ग्रामीण जल कर्मियों को बढ़े हुए वेतन का लाभ मिलने का रास्ता साफ हो चुका है. हरियाणा के करीबन आठ हजार कर्मचारी इससे लाभान्वित होंगे. भारतीय मजदूर संघ के नेताओं की कोशिश से ग्रामीण जल कर्मियों को यह राहत मिल सकी है. पहले जल कर्मियों को 13 हजार 346 रुपये मासिक वेतनमान मिलता था, मगर नई व्यवस्था के बाद अब इन जल कर्मचारियों को हर महीने 19 हजार रुपये वेतन मिलने वाला है.
उप- श्रेणियों को किया खत्म
लेटर के मुताबिक, 9 अप्रैल 2026 से पहले स्किल्ड और सेमी- स्किल्ड श्रेणियों में ए और बी उप- श्रेणियां लागू थीं. मगर नई अधिसूचना के बाद इन उप- श्रेणियों को खत्म कर दिया गया है. अब सभी उप- श्रेणियों को सामान्य “स्किल्ड” और “सेमी- स्किल्ड” वर्ग में लें लिया गया है. श्रम विभाग द्वारा यह भी साफ किया गया कि 4 मई 2026 की अधिसूचना के तहत ट्यूबवेल आपरेटरों को “स्किल्ड कैटेगरी” में वर्गीकृत किया गया है.
ऐसे में उन्हें अधिसूचना में निर्धारित स्किल्ड श्रेणी के वेतनमान का लाभ दिया जायेगा. यह लेटर विकास एवं पंचायत विभाग की तरफ से मांगे गए स्पष्टीकरण के जवाब में जारी किया गया है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य कर रहे जल कर्मियों और ट्यूबवेल आपरेटरों के वेतन निर्धारण में किसी तरह की भ्रम की स्थिति न हो.