चंडीगढ़ | हरियाणा ग्रुप सी के CET 2025 के रिजल्ट के लिए नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूले को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरी झंडी दे दी है. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूले को वैध करार देते हुए अपील खारिज कर दी है. इसके साथ ही, हरियाणा सरकार ने गंभीर आरोप लगाया कि नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूले से जुड़े मामले को मैनेज करने के नाम पर हाईकोर्ट के एक कर्मचारी ने क्यू आर कोड के माध्यम से धन एकत्र किया है.
जांच के लिए सौंपें दस्तावेज
जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने इन तथ्यों को विचलित करने वाला बताया व सभी दस्तावेजों को सीलंबद कर हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को आगामी जांच और कार्रवाई के लिए सौंप दिया है. खंडपीठ का कहना है कि अदालत के सामने पूरे तथ्य नहीं है इसलिए कोई टिप्पणी नहीं की जा रही है. यह अदालत तथ्यों से अपनी आंखें बंद नहीं कर सकती है, जो बहस के दौरान हमारे सामने पेश किये गए है.
एडवोकेट ने पेश की यह दलीलें
अपीलकर्ताओं की ओर से एडवोकेट अंकुर सिधार और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) की तरफ से एडिशनल एडवोकेट जनरल संजीव कौशिक ने दलीलें पेश कीं. जैसा कि आप सब जानते हैं 26 और 27 जुलाई को हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की तरफ से सीईटी परीक्षा का आयोजन किया गया है. जब भी एक से ज्यादा शिफ्ट में परीक्षा आयोजित होती है, तो नॉर्मलाइजेशन किया जाता है. ऐसे में इस परीक्षा में भी नॉर्मलाइजेशन होगा. कोर्ट की तरफ से हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के नॉर्मलाइजेशन फार्मूले को हरी झंडी दे दी गई है और अपील को खारिज कर दिया है.
