चंडीगढ़ | दिल्ली विधानसभा चुनाव में बेहद प्रमुखता से उठाएं गए यमुना नदी के सफाई के मुद्दे को लेकर अब हरियाणा सरकार भी गंभीर हो गई है. सूबे की नायब सैनी सरकार ने यमुना एक्शन प्लान के अन्तर्गत यमुना नदी के पानी की गुणवत्ता को सुधारने की दिशा में काम करने का संकल्प लिया है.

यमुना नदी की होगी सफाई
यमुना नदी दिल्ली पहुंचने से पहले हरियाणा में 180 किलोमीटर तक और फिर दिल्ली से निकलने के बाद फिर 70 किलोमीटर तक बहती है. अब इसी यमुना नदी के पानी को प्रदुषण मुक्त बनाने के लिए हरियाणा सरकार ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है. इस परियोजना के अंतर्गत मार्च 2028 तक 146 MLD क्षमता वाले आठ कामन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीइटीपी) और 622 MLD क्षमता वाले 13 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाए जाएंगे.
कल से शुरू हुए बजट सत्र के दौरान हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने अपने अभिभाषण के दौरान यमुना नदी के पानी को प्रदुषण मुक्त बनाने के लिए प्रदेश सरकार के संकल्प की जानकारी दी. उन्होंने SYL नहर के निर्माण का जिक्र करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार इसके प्रति पहले की तरह पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है.
राज्यपाल ने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन के लिए चालू वित्त वर्ष में प्रोत्साहन राशि को बढ़ाकर 1 हजार रुपए से 1200 रुपए प्रति एकड़ कर दिया गया है. प्रदेश की सड़कों की चौड़ाई 12 फीट से बढ़ाकर 18 फीट बनाने का फैसला लिया गया है.
10 शहरों में चलेगी फ्लोर AC बसें
राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में बताया कि प्रदेश के हर जिले को नेशनल हाईवे से सीधी कनेक्टिविटी दी जाएगी. वहीं, परिवहन ढांचे को मजबूत करने के लिए पानीपत में इलेक्ट्रिक बस डिपो को तैयार कर लिया गया है और यमुनानगर व जगाधरी में अगले महीने तक डिपो बनकर तैयार हो जाएंगे. गुरुग्राम, फरीदाबाद जैसे महानगरों और 10 अन्य शहरों में 650 स्टैंडर्ड फ्लोर एसी बसों का संचालन किया जाएगा जो शहरी परिवहन की नई परिभाषा लिखेगी.
गेम चेंजर होगा साबित
11,607 करोड़ रुपए की लागत से जून 2029 तक पूरा होने वाला हरियाणा रेल आर्बिटल कॉरिडोर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए गेम चेंजर साबित होगा. इसके प्राथमिक सेक्शन पातली- मानेसर पर मालगाड़ियों का संचालन शुरू हो चुका है. वहीं, सड़क मार्गों पर सुरक्षित व सुगम ट्रैफिक संचालन के लिए रेलवे फाटकों पर लेवल क्रासिंग खत्म की जाएगी.