सोनीपत | समाज की रुढ़ियों को पीछे छोड़ते हुए हरियाणा के गोहाना जिले की ट्रांसजेंडर महिला स्वीटी प्रधान ने अपनी मेहनत और हौसले के दम पर खुद की अलग पहचान बनाई है. उन्होंने अपने प्रयासों से न केवल खुद को आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार भी प्रदान किया है. स्वीटी ने करीब 5 साल पहले सिर्फ 3 भैंसों और 100 वर्ग गज के छोटे प्लॉट से अपने बिजनेस की शुरुआत की थी, लेकिन आज उन्होंने स्वीटी मिल्क डेयरी फार्म के नाम से खुद का दुग्ध उत्पादन केंद्र खड़ा किया है. अब यह डेयरी 2 हजार वर्ग गज में फैल चुकी है और यहां प्रतिदिन ढाई से तीन क्विंटल तक दूध का उत्पादन हो रहा है.
कर्मचारियों को किया स्वयं प्रशिक्षित
स्वीटी की डायरी में दूध की बिक्री स्थानीय तौर पर 80 रुपए किलो से हो रही है और आगे इसे 90 रुपए प्रति किलो करने की योजना है. डायरी में 10 से 15 लोग काम करते है और उनको काम देने के साथ- साथ स्वीटी ने ही उनको काम सिखाया भी है. डेयरी से पशु मेले और दूध प्रतियोगिता में भाग लेने से उनका व्यवसाय और पहुंच दोनो बढ़ी है. इससे पंजाब, मुंबई, राजस्थान और हैदराबाद से व्यापारी उनके पास भैंस खरीदने आते है.
सफलता का मूल कारण
स्वीटी का कहना है कि उनकी सफलता का मूल कारण शुद्धता और प्राकृतिक पालन- पोषण है. वह दूध के उत्पादन के लिए किसी प्रकार के हार्मोन इंजेक्शन का प्रयोग नहीं करती है, जिससे दूध खरीदने वालों का उन पर भरोसा है. शुरुआत में उन्होंने चुनौतियों का सामना किया, लेकिन फिलहाल आसपास की कॉलोनियों और गांव के लोग उनसे दूध खरीदने आते है.
