चंडीगढ़ | हरियाणा में पंचायतें ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल और सीवरेज से संबंधित कार्यों को कराने के लिए स्वयं सक्षम होंगी. पंचायतों को पेयजलापूर्ति के प्रबंधन व संचालन से लेकर कड़े निर्णय लेने के लिए भी शक्तियां मिल गई हैं. पंचायतें चाहें तो वह पेयजलापूर्ति की दरों में बढ़ोतरी कर नई दरें लागू कर सकती हैं और अवैध कनेक्शन काट सकती हैं. पंचायतें पेयजलापूर्ति व सीवरेज से संबंधित कार्यों की निगरानी के लिए 5 सदस्यीय कमेटी गठित करेगी. इसमें जनस्वास्थ्य विभाग के जूनियर इंजीनियर, ग्राम सचिव, पंप संचालक या ऑपरेटर व ग्राम पंचायत के जागरूक नागरिक शामिल होंगे.

पंचायतों को मिली ताकत
ग्राम जल एवं सीवरेज समितियां पेयजलापूर्ति से जुड़े कार्यों जैसे नई पाइपलाइन बिछाने, मरम्मत के कार्य, नए पेयजलापूर्ति के कार्यों की निगरानी व संचालन कराएगी. ग्राम सभाओं के माध्यम से नए प्रस्ताव रखकर काम कराए जा सकेंगे. अवैध व दूषित पानी वाले कनेक्शन काटने, अनियमित कनेक्शन को नियमित कराने व नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना व FIR तक दर्ज कराने में ग्राम जल एवं सीवरेज समितियां सक्षम होगी.
महिलाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर
जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा इस योजना पर 2 चरणों में काम किया जाएगा. पहले चरण में केवल एक गांव वाली पंचायतों को चुना गया है. दूसरे चरण में एक से अधिक गांवों वाली पंचायतों में इसे लागू किया जाएगा.
पानी के कनेक्शन दिलाने, पानी के नमूने लेने, बिल भरवाने से लेकर अन्य कार्यों के लिए 500 घरों पर 1 महिला तैनात की जाएंगी. इससे अधिक घरों पर 2 महिलाओं को जिम्मा सौंपा जाएगा. गवर्नमेंट कम्युनिटी पार्टनरशिप (GCP) के तहत ऑपरेशनल पॉलिसी लागू की गई है.
नई पॉलिसी के तहत महिलाओं को इन कार्यों के लिए नियम-शर्तों के मुताबिक प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. इसके लिए महिलाओं के बैंक खाते भी पंचायतें खोलेंगी. पॉलिसी के तहत जनस्वास्थ्य विभाग और पंचायतों के बीच जल्द 5 वर्ष के लिए समझौते करने की प्रक्रिया शुरू होगी.
हरियाणा प्रदेश में पानी की किल्लत नहीं है. पंचायतों के सहयोग के लिए नई योजना पर काम होगा. इसका लाभ यह होगा कि पंचायतें स्वयं निगरानी रखेंगी और बेहतर पेयजलापूर्ति व्यवस्था बनेगी. सरपंच पहले भी सहयोग करते रहे हैं और आगे भी सहयोग करेंगे. सरकार से केवल यही मांग है कि पेयजलापूर्ति के लिए बजट मिले जिससे लीकेज वाली व पुरानी पाइपलाइन पंचायतें अपने स्तर पर बदल सकें- रणबीर समैण, प्रदेशाध्यक्ष हरियाणा सरपंच एसोसिएशन