चंडीगढ़ | हरियाणा में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है. मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में भारी बारिश की संभावना नहीं है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि करीब 1 सप्ताह बाद मानसूनी सिस्टम दोबारा सक्रिय हो सकता है. फिलहाल, ज्यादातर इलाकों में बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है.

मौसम विभाग के मुताबिक मंगलवार को पंचकूला, यमुनानगर, अंबाला, कुरुक्षेत्र और करनाल के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ सकती हैं. हालांकि प्रदेश के किसी भी हिस्से के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है.
आंधी- बारिश से हादसे
सोमवार को हिसार, सिरसा, सोनीपत और फतेहाबाद समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली. अगले 2 से 3 दिन तक मौसम का यही मिजाज बने रहने की संभावना है. सोमवार को आई तेज आंधी और बारिश के दौरान कई स्थानों पर नुकसान भी हुआ. हिसार के बहबलपुर गांव में तेज हवा के कारण एक महिला पर लोहे का होर्डिंग गिर गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई. वहीं, फतेहाबाद के हंस मार्केट में बारिश के दौरान जूते की दुकान का छज्जा गिर गया. राहत की बात यह रही कि हादसे के समय वहां कोई मौजूद नहीं था. भिरडाना गांव के पास तेज आंधी में बोलेरो गाड़ी पर पेड़ गिर गया. हालांकि, चालक सुरक्षित बच गया. रतिया क्षेत्र में ट्रैक्टर पर पेड़ गिरने से एक युवक की मौत हो गई.
अब तक 35% कम बारिश
इस मानसून सीजन में हरियाणा में अब तक सामान्य से करीब 35 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है. जुलाई के इस चरण तक प्रदेश में औसतन 65 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल करीब 42 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है. उत्तर हरियाणा के कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है. यमुनानगर में 95 मिमी के मुकाबले 110 मिमी, अंबाला में 105 मिमी और पंचकूला में 98 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य औसत से अधिक है.
चिंताजनक स्थिति
दूसरी ओर पश्चिमी और दक्षिणी हरियाणा में बारिश की भारी कमी बनी हुई है. सिरसा में सामान्य 35 मिमी के मुकाबले केवल 8 मिमी बारिश हुई है, जो 77 प्रतिशत की कमी दर्शाती है. फतेहाबाद में सामान्य से 60 प्रतिशत कम यानी करीब 12 मिमी, जबकि हिसार में 55 प्रतिशत कम यानी करीब 18 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है. भिवानी और महेंद्रगढ़ में भी वर्षा का आंकड़ा सामान्य से काफी कम बना हुआ है.