चंडीगढ़ | हरियाणा में निकाय चुनावों की सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है. सूबे की नायब सैनी सरकार ने स्टेट इलेक्शन कमीशन को 3 नगर निगमों सहित 7 शहरी निकायों में चुनाव कराने की अनुमति प्रदान कर दी है. बता दें कि राज्य में पंचकूला, अंबाला और सोनीपत नगर निगमों समेत सात शहरी निकायों का कार्यकाल पूरा हो चुका है.
ऐसे में स्टेट इलेक्शन कमीशन ने हरियाणा सरकार को पत्र लिखकर चुनाव कराने की अनुमति मांगी थी. मार्च के आखिर या अप्रैल महीने के पहले सप्ताह में शहरी निकाय चुनाव संभव हैं. बीजेपी व कांग्रेस पहले ही तीनों नगर निगमों के चुनाव सिंबल पर लड़ने की घोषणा कर चुके हैं जबकि INLD, JJP और आम आदमी पार्टी ने अभी तक इन चुनावों को लेकर पत्ते नहीं खोले हैं.
चुनाव आयोग ने शुरू की प्रक्रिया
पंचकूला, अंबाला व सोनीपत नगर निगमों के अलावा रेवाड़ी नगर परिषद, धारूहेड़ा, सांपला और उकलाना नगर पालिकाओं में निकाय चुनाव होने प्रस्तावित हैं. चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि 22 जनवरी को मेयर और चेयरमैन पदों के आरक्षण के लिए ड्रा निकाला जाएगा.
मंगलवार को शहरी निकाय विभाग की ओर से स्टेट इलेक्शन कमीशन को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि हरियाणा सरकार को तीनों नगर निगमों, एक नगर परिषद और तीन नगर पालिकाओं के आम चुनाव सहित कुछ जगहों पर उपचुनाव करवाने में किसी तरह की आपत्ति नहीं है. मंजूरी के बाद इलेक्शन कमीशन ने सातों शहरी निकायों में चुनाव कराने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है.
अप्रैल महीने में होने की पूरी संभावना
स्टेट इलेक्शन कमीशन की ओर से शहरी निकाय चुनाव की तैयारियां लगभग पूरी की जा चुकी हैं, लेकिन कुछ वाडों में वार्डबंदी का काम बाकी है. मार्च के अंतिम सप्ताह में निकाय चुनाव इसलिए सरकने की संभावना है क्योंकि फरवरी के दूसरे पखवाड़े से लेकर मार्च के पहले पखवाड़े तक बोर्ड की परीक्षाएं होनी हैं. यदि मार्च के अंतिम सप्ताह में चुनाव नहीं हो पाए तो अप्रैल माह के पहले सप्ताह में हर हालत में चुनाव कराए जा सकते हैं.
