चंडीगढ़ | पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की तरफ से उन लोगों के लिए एक विशेष फैसला दिया गया है जो दैनिक वेतन, कांट्रेक्ट और एडहॉक आधार पर सालों से काम कर रहे है. यह कर्मचारी पिछले कई सालों से दैनिक वेतन, कॉन्ट्रैक्ट और एडहॉक आधार पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. ऐसे में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट की तरफ से कर्मचारियों के हक में ऐतिहासिक फैसला सुनाया गया है.
हाईकोर्ट ने आदेश किया रद्द
अदालत के इस फैसले से हरियाणा सरकार को बड़ा झटका लगा है. बता दें कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की तरफ से कर्मचारियों के नियमितीकरण से मना करने वाले आदेशों को रद्द कर दिया गया है. कोर्ट द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए है कि 1993, 1996, 2003 और 2011 की राज्य नीतियों के तहत सभी पात्र कर्मचारियों को नियमित किया जाए.
बकाया राशि 8 हफ्ते में होगी जारी
यह आदेश भी दिया गया है कि नियमितीकरण से संबंधित सभी परिणामी बेनिफिट्स और 6 प्रतिशत वार्षिक व्याज सहित बकाया राशि 8 हफ्ते में जारी की जाए. कोर्ट का यह निर्णय समान तथ्यों वाले सभी लंबित केसों पर लागू रहेगा. हाईकोर्ट की तरफ से कहा गया है, ‘कांट्रेक्ट, दैनिक वेतन या परियोजना कर्मचारी जैसे शब्द सच में नहीं बदलते हैं. सालों तक जरूरी सेवाएं देने वाले कर्मचारियों को अनिश्चित काल तक अस्थायी बनाए रखना संविधान की भावना के अनुसार नहीं है.’ स्वीकृत पद न होने की दलील पर कोर्ट ने कहा कि राज्य काम लेता है तो पद सृजित करना उसकी जिम्मेदारी बनती है.
