चंडीगढ़ | हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र का समापन हो गया है. तीन दिन तक चले इस सत्र में कई मुद्दों को लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच काफी गहमागहमी देखने को मिली. कड़ाके की ठंड में राजनीतिक पारा हाई रहा. कल तीसरे और आखिरी दिन अफसरों द्वारा गलत आंकड़े पेश किए जाने पर सरकार की विधानसभा में किरकिरी हुई. खासकर 3 मंत्रियों में से किसी को स्पीकर ने फटकार लगाई तो किसी को माफी मांगनी पड़ी. ऐसे में नाराज सरकार ने गलत आंकड़े पेश करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए.
शुरूआती जांच में कई अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं. शिक्षा विभाग द्वारा की गई जांच में चार अफसरों की भूमिका पर संदेह बना हुआ है. इनके खिलाफ सरकार जल्द से जल्द सस्पेंशन की कार्रवाई अमल में ला सकती है. सीएम मनोहर लाल ने खुद सदन में गलत आंकड़े पेश करने वाले अधिकारियों के खिलाफ नाराज़गी जताई और कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा.
शिक्षा मंत्री ने दिए गलत आंकड़े
जजपा पार्टी की ओर से बाढ़डा विधायिका नैना चौटाला ने अपने विधानसभा क्षेत्र के कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया. उनके सवालों का जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने सदन में गलत आंकड़े पेश किए जिसके बाद उन्हें स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता की फटकार झेलनी पड़ी. शिक्षा मंत्री के गलत आंकड़ों पर सदन में मौजूद सदस्यों ने आपत्ति जताई. इस पर स्पीकर ने उन्हें सदन में सही आंकड़े पेश करने की हिदायत दी.
गृह मंत्री अनिल विज ने मांगी माफी
ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान ऐलनाबाद हल्के से INLD विधायक अभय चौटाला ने अवैध शराब का मुद्दा उठाया. जहरीली शराब के मुद्दे पर चर्चा के दौरान गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने जवाब दिया कि 2016 से अब तक प्रदेश में 36 मौतें हुई हैं. अभय चौटाला ने विज के आंकड़ों पर सवाल खड़ा करते हुए बताया कि हरियाणा सरकार के चीफ सेक्रेटरी ने लोकसभा में 498 मौतों के आंकड़े की रिपोर्ट भेजी थी.
अकेले लॉकडाउन में 45 मौतें हुई थी जबकि सरकार 36 बता रही है. इस पर अनिल विज ने अपनी ग़लती स्वीकार करते हुए कहा कि आंकड़ों में बहुत अधिक अंतर है और वह इस मामले की जांच करवाएंगे.
कमल गुप्ता पर भड़के स्पीकर
सदन में फरीदाबाद से कांग्रेस विधायक नीरज शर्मा ने सवाल उठाया कि सीवर के ढक्कन खुले होने की वजह से फरीदाबाद में अब तक 4 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. इस सवाल के जवाब में निकाय मंत्री कमल गुप्ता ने अलग आंकड़े पेश किए. इस पर स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता भड़क उठे और उन्होंने निकाय मंत्री को सदन में सटीक आंकड़े पेश करने की हिदायत दी.
