चंडीगढ़ | हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के बाद हर रोज नए घटनाक्रम सामने आ रहे हैं. अब ताजा मामला सोनीपत जिले की गन्नौर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक देवेंद्र कादयान से जुड़ा है. बता दें कि राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल की हार के बाद उन्होंने कहा था कि सतीश नांदल के नामांकन पत्र दाखिल करने के समय इंडियन नेशनल लोकदल पार्टी (INLD) के दोनों विधायक अर्जुन चौटाला और आदित्य देवीलाल हमारे साथ थे और उन्होंने पक्ष में मतदान क हामी भी भरी थी लेकिन बाद में उन्होंने वोट नहीं दिया. अब इसके पीछे क्या वजह रही होगी, वो तो इनेलो पार्टी ही बता सकती है.
अभय चौटाला ने किया पलटवार
विधायक देवेंद्र कादयान के इस बयान पर पलटवार करते हुए INLD सुप्रीमो अभय चौटाला ने कहा कि उन्होंने हमारी पार्टी की छवि खराब करने की मंशा से कहा था कि सतीश नांदल के नामांकन पत्र दाखिल करने के समय INLD के दो विधायक भी मौजूद थे. जबकि यह जगजाहिर है कि हमारी पार्टी का कोई विधायक नही गया. अभय चौटाला ने कहा कि इन सभी चीजों का विधानसभा में बाकायदा रिकॉर्ड होता है. ऐसे में इतना बड़ा झूठ फैलाकर पार्टी को बदनाम करने की साज़िश रची गई है. हमारी पार्टी इस बयान को लेकर निर्दलीय विधायक देवेंद्र कादयान को कानूनी नोटिस भेजेगी. या तो कादियान सबूत पेश करे वरना कोर्ट में माफी मांगनी पड़ेगी.
हुड्डा पर लगाया यह आरोप
उन्होंने कहा कि दोपहर 3 बजे तक 87 वोट डाले जा चुके थे. उस समय तक विधानसभा अध्यक्ष और हमारी पार्टी के दो विधायकों सहित 3 वोट डाले जाने बाकी थे. बतौर कांग्रेस एजेंट भुपेंद्र हुड्डा वहां मौजूद थे और उन्हें पता चल चुका था कि कांग्रेस के विधायकों ने क्रॉस वोटिंग और जानबूझकर वोट कैंसिल किए हैं फिर भी हुड्डा ने समय रहते उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए.
भुपेंद्र हुड्डा भी बीजेपी उम्मीदवार को जिताने में लगे हुए थे. हमारी पार्टी ने किसी भी कीमत पर बीजेपी उम्मीदवार को वोट नहीं करना था. यदि भुपेंद्र हुड्डा समय पर क्रॉस वोटिंग की जानकारी दे देते तो हमारे दोनों विधायकों के वोट कांग्रेस पार्टी के दलित उम्मीदवार कर्मवीर सिंह बौद्ध के पक्ष में जाते. चौटाला ने कहा कि क्रॉस वोटिंग और जानबूझकर वोट रद्द करने वाले सभी विधायक भुपेंद्र हुड्डा के चहेते हैं.
