चंडीगढ़ | हरियाणा में आमजन के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है. प्रदेश के लोगों को बहुत जल्द लाल डोरा और फिरनियों अंदर की संपत्तियों का मालिकाना हक मिलने जा रहा है. राज्य सरकार की ओर से इन संपत्तियों का सर्वे कर निशानदेही का कार्य पूरा किया जा चुका है.
मालिकाना हक मिलने के बाद लोग अपनी संपत्ति को अपने नाम करवाने के साथ ही उसे बेच भी सकेंगे और बैंक से लोन भी ले सकेंगे. प्रदेश सरकार के इस प्रयास से ग्रामीण क्षेत्रों की लगभग 25 लाख और शहरी क्षेत्र में 5 लाख से ज्यादा आबादी को फायदा पहुंचेगा. हरियाणा सरकार 18 दिसंबर से शुरू हो रहे विधानसभा के शीतकालीन सत्र में इस संबंध में बिल पेश करेगी.
पूर्व सीएम की मेहनत लाई रंग
लाल डोरा और फिरनियों के अंदर जो संपत्तियां हैं, वह लोगों के नाम पर नहीं है. इसकी वजह से इन जमीनों पर कब्जा होने के साथ लोगों के बीच काफी विवाद होते हैं. पंचायतों की भी काफी जमीन लाल डोरा के अंतर्गत है, उस पर भी कब्जे हो रहे थे. मालिकाना हक न होने से लोग न तो अपनी जमीन बेच पा रहे थे और न ही लोन ले पा रहे थे. ग्रामीण इस बारे में सालों से सरकार से गुहार लगा रहे थे.
पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इस मुद्दे पर पहल करते हुए साल 2018 में इन संपत्तियों का सर्वे कराने और राजस्व रिकॉर्ड बनाने के निर्देश दिए थे. ऐसे में अब जाकर यह कार्य पूरा हो गया है.
ड्रोन की मदद से तैयार किया हरियाणा में नक्शा
साल 2018 में सर्वे ऑफ इंडिया ने यह कार्य शुरू किया था. ड्रोन की मदद से सारी जमीनों की फोटो ली गई है. इसके बाद, उसका उसका नक्शा तैयार किया गया. फिर इस नक्शे को ग्रामीणों के सामने रखा गया. उनकी ओर से सहमति मिलने के बाद ही संपत्तियों का डाटा तैयार किया गया है. ग्रामीणों से आपत्तियां भी मांगी गई थी जिसके बाद सामने आई सभी आपत्तियों को दूर कर लिया गया है.
बनेगा रेवेन्यू रिकॉर्ड
हरियाणा सरकार की ओर अब इन संपत्तियों के मालिकों को राजस्व विभाग की ओर से एक नंबर दिया जाएगा. पहले पूरे गांव का एक नंबर होता था. इसके साथ ही इन संपत्तियों का रेवन्यू रिकॉर्ड भी बनेगा. इसके साथ ही, यह भी स्पष्ट होगा जाएगा कि परिवार के किस सदस्य के पास कितनी संपत्ति है.
