चंडीगढ़ | हरियाणा को उद्योगों का नया पॉवर हाउस बनाने के लिए सूबे की नायब सैनी सरकार ने सभी पुरानी पॉलिसी को खत्म कर नई पॉलिसी लाने की योजना बनाई है. यह पॉलिसी निवेश, रोजगार और टेक्नोलॉजी पर केंद्रित होगी. साल 2020 में भी पॉलिसी बनी थी लेकिन ज्यादा सफल नहीं हुई. अब नई पॉलिसी में 5 लाख करोड़ निवेश और 10 लाख रोजगार का लक्ष्य रखा गया है. नई पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार हो चुका हैं. जल्द ही इसे कैबिनेट मीटिंग में पास कराने की तैयारी है.

हरियाणा के युवाओं को मिलेगी ज्यादा नौकरियां
नई पॉलिसी में MSME या छोटे उद्योगों की बजाए बड़े उद्योगों पर फोकस होगा. सरकार इस पॉलिसी में हरियाणा के लोगों को ही रोजगार देने वाली कंपनियों की सालाना प्रोत्साहन राशि 36 से 48 हजार की बजाए एक लाख रुपए कर रही है. यदि कोई कंपनी स्थानीय महिलाओं, एससी व दिव्यांगों को नौकरी देगी तो सरकार उसे सालाना 1.2 लाख रुपए की राशि देगी.
25% से ज्यादा रोजगार हरियाणा के युवाओं को मिला तो उसे अतिरिक्त लाभ दिया जाएगा. अब जो कंपनी जितने ज्यादा कर्मचारी हरियाणा के लगाएगी, उसे उतनी ज्यादा सब्सिडी देने की नीति पर सरकार काम करेगी.
रिसर्च सेंटर बनाने पर 50% सब्सिडी मिलेगी. लार्ज इंडस्ट्री को 10 करोड़ तो मेगा या अल्ट्रा मेगा कंपनियों 50 करोड़ रुपए तक दिए जाएंगे. यदि कोई कंपनी अपना नेशनल स्तर का पेटेंट करा लेती है तो उसे 50 लाख और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पेटेंट होने पर 1 करोड़ रुपए का ईनाम राज्य सरकार देगी.
यह रहेंगे प्राथमिक सेक्टर
- ऑटोमोबाइल व ऑटो पार्ट्स, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा व मेडिकल डिवाइस, डिफेंस, ग्रीन एनर्जी, ईवी, केमिकल व पेट्रोकेमिकल. इन्हें 5% अतिरिक्त सब्सिडी का प्रावधान होगा.
- उच्चस्तरीय समिति: मुख्यमंत्री अध्यक्ष होंगे. अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट को मंजूरी देगी.
- हरियाणा एंटरप्राइजेज प्रमोशन बोर्ड: उद्योग मंत्री अध्यक्ष होंगे. मेगा प्रोजेक्ट को मंजूरी देगी.
- उद्योग विभाग की समिति: छोटी औद्योगिक इकाइयों को मंजूरी देगी.
नई पॉलिसी की खासियतें
- कंपनियों को निवेश पर नहीं बल्कि प्रदर्शन के आधार पर लाभ मिलेगा.
- जल्द पर ज्यादा और देर से शुरू होने पर कम सब्सिडी क्षेत्र के अनुसार दी जाएगी.
- कोर क्षेत्र में 30% तो इंटरमीडियट में 60, सब प्राइम में 75 और प्राइम क्षेत्र में 100% स्टांप ड्यूटी में छूट मिलेगी.
- सिंगल विंडो सिस्टम होगा. एक पोर्टल पर सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी. ऑनलाइन आवेदन, ट्रैकिंग सिस्टम और समयबद्ध मंजूरी.