चंडीगढ़ | हरियाणा दिवस यानि 1 नवंबर के मौके पर सूबे की नायब सैनी सरकार ने प्रदेश में डिजिटल युग के नए अध्याय की शुरुआत की है. प्रदेश सरकार के इस फैसले से आमजन को न केवल बड़े स्तर पर राहत पहुंचेगी, बल्कि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में भी मदद मिलेगी. समय की बर्बादी और सरकारी दफ्तरों तक लोगों को भाग- दौड़ करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
पेपरलेस रजिस्ट्री का नया अध्याय शुरू
1 नवंबर से हरियाणा में जमीन रजिस्ट्री ऑनलाइन तरीके से शुरू हो गई है. इंतकाल (जमीन का मालिकाना हक) भी अपने आप ऑनलाइन हो जाएगा. हरियाणा दिवस के मौके पर सीएम नायब सैनी ने रिमोट का बटन दबाते हुए पूरे प्रदेश में पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली की शुरुआत को हरी झंडी दिखा दी है.
जमीन की ऑनलाइन रजिस्ट्री और इंतकाल करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य बन गया है. प्रदेश सरकार के इस फैसले को डिजिटल गर्वनेंस की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया गया है. सीएम नायब सैनी ने बताया कि कुरुक्षेत्र जिले की लाडवा तहसील से इस पहल की शुरुआत हुई थी और अब इसका पूरे हरियाणा में विस्तार कर दिया गया है. 29 सितंबर से 31 अक्टूबर तक कुल 917 पेपरलेस रजिस्ट्री सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं, जो इस व्यवस्था की सफलता का प्रमाण हैं.
चक्कर लगाने से मिलेगा छुटकारा
सीएम ने कहा कि इस नई व्यवस्था से सालों पुरानी जटिल रजिस्ट्री प्रकिया से लोगों को राहत पहुंचेगी. रजिस्ट्री कार्यों में अब समय बर्बाद नहीं होगा. इससे जुड़ी ज्यादातर प्रक्रियाएं घर पर बैठकर ही पूरी की जा सकेगी. केवल एक बार फोटो खिंचवाने के लिए संबंधित तहसील में जाना आवश्यक होगा.
उन्होंने बताया कि पेपरलेस रजिस्ट्री से समय और संसाधन दोनों की बचत होगी और भ्रष्टाचार की संभावनाओं पर अंकुश लगेगा. सरकार की यह पहल न केवल पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि इससे प्रदेश की जनता को वास्तविक सुविधा मिलेगी.
