चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने जमीन और संपत्ति रजिस्ट्री से जुड़ा एक बड़ा फैसला लिया है. सूबे की नायब सैनी सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पिछले 5 सालों के दौरान 30 लाख रुपए से अधिक की संपत्तियों की रजिस्ट्री के लेन- देन में शामिल सभी खरीदारों और विक्रेताओं को अपने पैन कार्ड नंबर का ब्योरा देना होगा.
आयकर विभाग ने प्रदेश की 8 तहसीलों में अधिक रकम की संपत्तियों के क्रेता- विक्रेताओं ने परमानेंट अकाउंट नंबर (PAN Card) का ब्योरा नहीं देने वालों की सूची राजस्व विभाग को भेजी है. प्रदेश सरकार के इस आदेश के बाद राजस्व विभाग के अधिकारी अलर्ट मोड में आ गए हैं.
हरियाणा के इन तहसीलों में लंबित ब्यौरा
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि आयकर विभाग ने वित्तीय वर्ष 2019-2020 से 2024-2025 की अवधि में अधिक मूल्य की संपत्तियां खरीदने वालों से पैन कार्ड का ब्योरा मांगा है. आयकर विभाग ने बल्लभगढ़, तिगांव, दयालपुर, पलवल, खरखौदा, वजीराबाद, फर्रूखनगर और मानेसर तहसीलों में विशेष रूप से 2019-2020 से ब्योरा लंबित पाया है. विभाग द्वारा वेब- हैलरिस पोर्टल से एकत्र डाटा जिलों को उपलब्ध कराया जा चुका है.
तहसीलदारों को करना होगा यह काम
अब तहसीलदारों को आदेश दिए गए हैं कि वह अपने सर्कल रेवेन्यू ऑफिसर (CRO) लॉगिन के जरिए डाटा एक्सेस करेंगे और अधिक संपति वाले सभी मामलों की विशेष रूप से पहचान करेंगे, जिन्होंने अभी तक पैन नंबर का ब्योरा दर्ज नहीं कराया, उनमें तुरंत इस प्रकरण में आदेश का पालन कराना होगा. वित्तायुक्त ने सभी जिला उपायुक्तों को यह भी आदेश दिए हैं कि वह संबंधित तहसीलदारों से ब्यौरा सत्यापित कराएं.
