हिसार | हरियाणा के खेतों में अब फसल रूपी सोना ही नहीं बल्कि बिजली भी पैदा हो रही है. इसी बिजली से आज हजारों गांव रोशन हो रहे हैं. दक्षिण हरियाणा में अब तक बंजर व रेतीली जमीनों पर 18 सोलर प्लांट्स लग चुके हैं. इनसे 27.65 मेगावाट की बिजली उत्पन्न हो रही है. प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत यह प्लांट्स शुरू हो चुके हैं, जबकि 43 प्लांट्स अभी पाइपलाइन में हैं. इनकी क्षमता करीब 78 मेगावाट की है.

अब तक लगे 18 में से 13 प्लांट हिसार बिजली सर्कल में आते हैं और जो तैयारी में हैं उनमें आधे से ज्यादा भिवानी जिले में हैं. इसका कारण यह है कि इन इलाकों में रेतीली व बरानी जमीन है जहां ज्यादा फसलें उत्पन्न नहीं होती, लेकिन गर्मी के सीजन में अत्यधिक धूप होने के चलते यह सोलर एनर्जी तैयार करने के लिए बिल्कुल उपयुक्त है.
हरियाणा में मालामाल हो रहे किसान
जिन गांवों में 33 kV के बिजलीघर हैं, उनके आसपास की जमीनों पर पीएम कुसुम योजना के तहत यह प्लांट्स लगाए जा रहे हैं. इन प्लांट्स में जो बिजली उत्पन्न होती है, उसे इन बिजली घरों में जोड़ दिया जाता है और बिजली घरों से सीधे ही बिजली इनसे जुड़े गांवों में जा रही है. कोई भी पंचायत, सरकारी विभाग, किसान, एफपीओ व डिवलेपर यह प्लांट लगा सकते हैं.
4 एकड़ जमीन पर लगता है एक प्लांट
1 मेगावाट बिजली बनाने का प्लांट 4 एकड़ जमीन पर लगाया जाता है. ज्यादा से ज्यादा 2 मेगावाट तक का प्लांट लगा सकते हैं. 1 मेगावाट के प्लांट में दिन में औसतन 4 से 5 हजार यूनिट बिजली उत्पन्न हो जाती है. बिजली निगम 3.11 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से इस बिजली को खरीद रहा है. इस तरह किसान बिजली बेचकर अतिरिक्त कमाई करते हुए खुद की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रहे हैं.
महिला किसान को राष्ट्रपति ने किया सम्मानित
26 जनवरी के अवसर पर खेतों से बिजली उत्पन्न करने वाली मोडाखेड़ा गांव की महिला किसान सावित्री जांदू को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सम्मानित किया. गांव में उन्होंने 8 एकड़ जमीन पर 2 मेगावाट का सोलर प्लांट लगाया हुआ है. गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति भवन में उनको आमंत्रित किया गया और सम्मानित किया गया.