चंडीगढ़ | सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को लेकर सरकार द्वारा एक बड़ा फैसला किया गया है. अब नए ब्लाक ईयर से सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स घर बैठे अवकाश यात्रा छूट (लीव ट्रैवल कंसेशन) यानी LTC का लाभ नहीं लें पाएंगे. इससे पहले कर्मचारियों को एलटीसी के बदले एक महीने का वेतन दिया जाता था. हालांकि, अब यदि कर्मचारियों को एलटीसी चाहिए तो इन्हें वास्तव में यात्रा करनी होगी और प्रमाण के रूप में अपने टिकट- वाउचर विभाग में जमा कराने होंगे.
बिना यात्रा पर जाए भी ले रहे थे लाभ
यदि कोई कर्मचारी वास्तविक यात्रा नहीं करता है तो उसे एलटीसी नहीं मिलेगी. मुख्य सचिव कार्यालय की तरफ से इस बारे में सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्ड निगमों के प्रबंध निदेशक और मुख्य प्रशासक, उच्च न्यायालय तथा विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों और एसडीएम को निर्देशित कर दिया गया है. अभी तक यात्रा पर जाए बिना भी कर्मचारी और पेंशनर्स एलटीसी का लाभ उठा रहे थे.
हसला ने किया फैसले का विरोध
आने वाले ब्लाक ईयर से वर्ष 1984 के नियम लागू रहेंगे. सिर्फ बस-ट्रेन या सार्वजनिक क्षेत्र के वाहनों से की गई यात्रा का ही खर्च प्रदान किया जाएगा. प्राइवेट वाहनों के खर्च का भुगतान नहीं किया जाएगा. हालांकि हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन (हसला) द्वारा इस फैसले का विरोध किया गया है. हसला के राज्य प्रधान सतपाल सिन्धु का कहना है कि एलटीसी के बदले एक महीने के वेतन का ऑप्शन उन कर्मचारियों के लिए राहत था, जो पारिवारिक या अन्य कारणों से यात्रा नहीं कर सकते.
तुरंत वापस लिया जाए फैसला
इस सुविधा को खत्म कर देना कर्मचारियों के साथ अन्याय है. यह निर्णय कर्मचारी हितों के अनुकूल नहीं है और इससे शिक्षकों के साथ- साथ प्रदेश के लाखों कर्मचारियों में असंतोष उत्पन्न होगा. उनके द्वारा मांग की गई है कि कर्मचारियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस फैसले को तुरंत वापस लिया जाए और एलटीसी के बदले एक महीने के वेतन का विकल्प पहले की तरह जारी रखा जाए.
1 जनवरी 2028 से लागू होंगे नए रूल
राज्य सरकार की तरफ से कर्मचारियों, आइएएस अधिकारियों, न्यायिक अधिकारियों और संविदा कर्मचारियों को हर चार साल में गृह नगर और भारत में किसी भी स्थान की यात्रा के अपेक्षा एक महीने का वेतन दिया जाता है. इसी प्रकार पेंशनर्स को एक महीने की पेंशन प्रदान की जाती है. 1 जनवरी 2028 से नए नियम लागू होने जा रहे है. किसी वैधानिक या संवैधानिक निकाय के अध्यक्ष और सदस्य के रूप में नामित गैर सरकारी सदस्यों को एलटीसी नहीं मिलेगी.
