चंडीगढ़ | हरियाणा में अनधिकृत औद्योगिक कॉलोनियों में रहने वालों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है. प्रदेश सरकार ने इन कॉलोनियों को नियमित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए अब उन क्लस्टर में नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) और भूमि उपयोग परिवर्तन (CLU) की अनिवार्यता समाप्त कर दी है, जहां न्यूनतम 10 एकड़ क्षेत्र में कम से कम 50 उद्यमी कारोबार कर रहे हैं. इस फैसले से उद्यमियों को बड़े स्तर पर राहत पहुंचेगी.

CM ने की थी घोषणा
बतौर वित्त मंत्री साल 2025- 26 का वार्षिक बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अनधिकृत औद्योगिक कॉलोनियों को नियमित करने की घोषणा की थी. अनधिकृत औद्योगिक कॉलोनियों को सभी संबंधित विभागों द्वारा तब तक वैध कॉलोनियां मानकर तमाम मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी, जब तक उन उद्यमियों के आवेदन पर अंतिम फैसला नहीं हो जाता है.
प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि इसके लिए उद्यमियों को सामूहिक रूप से पोर्टल पर औद्योगिक अनियमित कॉलोनियों को नियमित करने के लिए पोर्टल पर आवेदन करना होगा. पोर्टल पर अस्थाई छूट या नियमितीकरण प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन करते समय हर आवेदन पत्र पर 25 रुपये प्रति वर्ग मीटर की स्क्रूटनी फीस के हिसाब से भुगतान करना होगा.
सरकार ने किया नियमों में संशोधन
उद्योग और वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डा. अमित कुमार अग्रवाल ने हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति में अधिसूचित 16 प्रोत्साहन योजनाओं के लिए नियमों में संशोधन किया है.
1 जनवरी 2021 से पहले से उत्पादन कर रहे सभी उद्योग योजना के लिए पात्र होंगे. इसके अलावा योजना का लाभ उन नई अल्ट्रा एवं मेगा परियोजनाओं, बड़ी परियोजनाओं तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को भी मिलेगा.