चंडीगढ़ | हरियाणा में सिर्फ बुजुर्गो को ही नहीं बल्कि पेड़ों को भी पेंशन मिल रही है. जी हां, प्रदेश सरकार द्वारा प्राण वायु देवता योजना बनाई गई है जिसके तहत 75 साल से ज्यादा पुराने पेड़ों का रख- रखाव करने वालों को 3 हजार रुपए सालाना पेंशन राशि दी जा रही है. पर्यावरण अनुकूल इन पेड़ों के रख- रखाव और संरक्षण को बढ़ावा देने हेतु अब सरकार द्वारा इस योजना का दायरा बढ़ाने का फैसला लिया गया है.
पेड़ों की देखभाल पर मिलेगी पेंशन
वर्तमान में 3,819 पेड़ों की देखभाल करने वालों को पेंशन राशि का लाभ मिल रहा है और वित्त वर्ष 2026- 27 में 1,541 और पेड़ों की पहचान कर उनकी देखभाल करने वालों को पेंशन राशि का लाभ देना शुरू कर दिया जाएगा. इसके अलावा दुर्लभ तथा संकटग्रस्त वृक्ष प्रजातियों के संरक्षण के लिए भी सरकार किसानों को प्रोत्साहन राशि का लाभ देगी.
बतौर वित्त मंत्री वित्त वर्ष 2026- 27 का बजट पेश करते हुए सीएम नायब सैनी ने यह घोषणा की थी. उन्होंने कहा था कि इस पेंशन राशि से पेड़ों की देखभाल जैसे खाद-पानी आदि में मदद मिलती है जिससे ऐसे पेड़ कटने या सूखने से बच रहे हैं. पेंशन मिलने से लोगो में पेड़ों को बचाने के लिए उत्साह भी बढ़ा है. इस तरह की योजना लागू करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है. इस योजना के तहत, मिलने वाली पेंशन राशि सीधे पेड़ मालिक के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जाती है.
पर्यावरण के लिए बेहद फायदेमंद
साल 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा प्राण वायु देवता योजना की शुरुआत की गई थी और अब सूबे की नायब सैनी सरकार इस योजना को आगे बढ़ाने का काम कर रही है. सीएम नायब सैनी ने कहा कि पेड़- पौधे ही पर्यावरण को स्वच्छ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं. बड़ी उम्र के पौधे अपने फैलाव के चलते वातावरण में ज्यादा आक्सीजन पैदा करते हैं जिससे लोगों को सांस लेने के लिए शुद्ध हवा प्राप्त होती है. ऐसे पेड़ों पर कई प्रकार के पंछी भी अपना घोंसला बनाते हैं. यह पक्षी भी पारिस्थितिकी तंत्र को बेहतर बनाने का काम करते हैं.
