फरीदाबाद | हरियाणा की औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में साल 2014 के बाद वैध हुई कालोनियों से जुड़ी एक अच्छी खबर सामने आई है. इन कालोनियों के लोगों को सीमांकन में गड़बड़ी के चलते प्रोपर्टी आईडी बनवाने में परेशानी झेलनी पड़ रही थी लेकिन अब फरीदाबाद नगर निगम प्रशासन द्वारा जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम (GIS) पोर्टल पर 66 कालोनियों के सीमांकन को दुरुस्त करने का फैसला लिया गया है ताकि प्रोपर्टी आईडी बनवाने में आ रही सबसे बड़ी अड़चन को दूर किया जा सकें.
GIS पोर्टल पर दर्ज नहीं आंकड़े
बता दें कि फरीदाबाद में साल 2014 से लेकर अब तक 80 से ज्यादा कालोनियां नियमित हुई है लेकिन इनमें से 66 कालोनियों का सीमांकन GIS पोर्टल पर पूरी तरह से दुरस्त नहीं है. इस अड़चन के चलते लोगों की प्रोपर्टी आईडी नहीं बन पा रही है. यहां सबसे बड़ी अड़चन यह है कि इन कालोनियों को नियमित तो कर दिया गया लेकिन कालोनी के वैध हिस्से कुछ किल्ला और खसरा नंबर GIS पोर्टल पर दर्ज नहीं है जबकि रिकॉर्ड में हैं.
जब लोग नगर निगम कार्यालय पहुंचते हैं तो वहां पता चलता है कि उनका प्लॉट जिस खसरे या किल्ला में आता है, वह पोर्टल पर दर्ज नहीं है. जबकि लोग बताते हैं कि कॉलोनी तो वैध हो चुकी है. उनके पड़ोस के लोगों की प्रॉपर्टी आईडी भी बन चुकी हैं. नगर निगम प्रशासन इस समस्या के समाधान के लिए कॉलोनियों के सीमांकन को दुरुस्त करने के लिए कॉलोनी की वैध ड्राइंग के रिकॉर्ड को GIS पोर्टल पर दर्ज करने जा रहा हैं और इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
मानवीय भूल के चलते हुई परेशानी
इसके लिए विभागीय जेई और पटवारियों ने शहरी स्थानीय निकाय मुख्यालय जाकर कॉलोनियों के सीमांकन को दुरुस्त करने के लिए पोर्टल पर रिकॉर्ड ठीक करवाया है. अभी कुछ कॉलोनियों का रिकॉर्ड और ठीक किया जाना है. कॉलोनियों की सीमा के पास वाले इलाके में ही इस तरह की ज्यादा परेशानी आ रही है, लेकिन अब अगले महीने तक इस समस्या को दूर कर दिया जाएगा. कई बार मानवीय भूल के चलते संपूर्ण रिकॉर्ड पोर्टल पर दर्ज नहीं हो पाता है. अब खामी का पता चलते ही सुधार की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
