नई दिल्ली | राजधानी दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कैबिनेट मीटिंग (Cabinet Meeting) की अध्यक्षता की. बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी, जिनमें खिलाड़ियों को लेकर लिए गए फैसले भी लिए गए. ऊर्जा एवं खेल मंत्री आशीष सूद ने जानकारी दी कि ‘मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना’ को अब और व्यापक रूप दिया गया है. खिलाड़ियों को सिर्फ प्रोत्साहन राशि ही नहीं बल्कि सरकारी नौकरियों में भी प्राथमिकता दी जाएगी.
मेडलिस्ट को मिलेगी मोटी राशि
नई नीति के तहत, ओलंपिक गोल्ड मेडल विजेता को 7 करोड़, सिल्वर मेडलिस्ट को 5 करोड़ और ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर 3 करोड़ रुपए की राशि दी जाएगी. यह अब तक किसी भी राज्य सरकार द्वारा घोषित की गई सबसे बड़ी प्रोत्साहन राशि मानी जा रही है. एशियन गेम्स के गोल्ड मेडलिस्ट को 3.5 करोड़, सिल्वर मेडलिस्ट को 2.5 करोड़ और ब्रॉन्ज मेडलिस्ट को 1.5 करोड़ रुपए दिए जाएंगे.
आज दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में माननीय कैबिनेट मंत्रियों एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रही।@gupta_rekha @p_sahibsingh @ashishsood_bjp @mssirsa @KapilMishra_IND… pic.twitter.com/GRRTmLGnGs
— CMO Delhi (@CMODelhi) July 22, 2025
प्रशिक्षण के लिए भी मिलेगा लाभ
कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक विजेता खिलाड़ियों को A, B और C ग्रुप की सरकारी नौकरी दी जाएगी. पैरालंपिक खिलाड़ियों को ग्रुप B की नौकरी मिलेगी. आशीष सूद ने बताया कि नई नीति के तहत ओलंपिक गोल्ड और सिल्वर मेडलिस्ट को ग्रुप A, ब्रॉन्ज मेडलिस्ट को ग्रुप B की नौकरी दी जाएगी. एशियन गेम्स के गोल्ड और सिल्वर मेडलिस्ट को भी ग्रुप A की नौकरी दी जाएगी.
स्कूलों में प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ियों को कोचिंग और ट्रेनिंग के लिए 5 लाख रुपए तक की सहायता दी जाएगी. नेशनल लेवल पर मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को 11 लाख रुपए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वालों को 20 लाख रुपए सालाना प्रोत्साहन राशि दी जाएगी.
