सेम की फसल से मिली नई पहचान, मेहनत के बलबूते छेदीलाल ने बदली अपनी किस्मत

फरीदाबाद | हरियाणा के फरीदाबाद जिले के भोपानी गांव के किसान छेदीलाल ने अपनी 2 बीघा जमीन पर सेम की फसल उगाकर अपनी और अपने परिवार की किस्मत को बदलने का काम किया है. वह जाल पर सेम की खेती करते हैं, जो पौधों को बेहतर सहारा देती है और पैदावार में बढ़ोतरी करती है. खेत की तैयारी में 4 से 5 बार जुताई की जाती है. हर बीघे में लगभग 1 किलो बीज की जरूरत पड़ती है.

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दिल्ली और फरीदाबाद में बेचते हैं फसल

वह बताते हैं कि कीटनाशक और चेपा जैसी दवाइयों का नियमित रूप से उपयोग करने से फसल स्वस्थ बनी रहती हैं. इससे फसल कीटों और रोगों से बची रहती है. जब फसल तैयार हो जाती है तो छेदीलाल इसे दिल्ली और फरीदाबाद की मंडियों में बेचने के लिए ले जाते हैं. डबुआ मंडी और दिल्ली की अन्य मंडियां उनकी फसल का प्रमुख बाजार हैं. वहीं, कई बार ऐसा भी होता है कि ग्राहक सीधे उनके खेत पर आकर फसल खरीद लेते हैं.

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परिवार की हुई आर्थिक तरक्की

छेदीलाल और उनका परिवार खेतों में दिन- रात काम करता है. ये उनकी मेहनत का ही परिणाम है कि सेम की खेती से उनके चार सदस्यों के परिवार की आजीविका काफी अच्छे से चल पा रही है. सेम की खेती से होने वाली आय से उनके परिवार की आर्थिक तरक्की हुई है.

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Nisha Tanwar
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