फतेहाबाद | हरियाणा के फतेहाबाद के कुनाल गांव (Kunal Village) में प्री- हड़प्पा और हड़प्पा काल के कई अवशेष मिल रहे हैं. हाल ही में, यहां चल रही खुदाई के दौरान करीब 23 फीट की खुदाई के बाद यहां एक बड़ा हवन कुंड मिला है, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि पूर्व- हड़प्पा काल में लोग भगवान में आस्था रखते थे और हवन यज्ञ भी करते थे.
तालाब में मिले लकड़ी के अवशेष
हवन कुंड चारों तरफ से ईंटों से ढका हुआ था और इसमें ज्वलनशील पदार्थ मिले थे, जिससे पता चलता है कि इस सभ्यता के लोग भले ही मांसाहारी भोजन करते थे, लेकिन वे धार्मिक स्वभाव के भी थे. पुरातत्व विभाग के अनुसार उस समय लोग इस सभ्यता के धार्मिक रीति- रिवाजों को जानने लगे थे और हवन एवं अनुष्ठान भी किये जाते थे. तालाब में जलती लकड़ी आदि के अवशेष भी मिले हैं.
5 दिसंबर को शुरू हुई थी खुदाई
पूर्व हड़प्पा और हड़प्पा काल के कुणाल गांव के इस स्थल पर पुरातत्व विभाग ने 5 दिसंबर 2023 से एक बार फिर से उत्खनन कार्य शुरू कर दिया है. यहां खुदाई के दौरान मिले अवशेषों से पता चलता है कि यहां के लोग कितने सभ्य थे. उनके पास हथियार बनाने, भट्टियां बनाने और व्यापार के लिए मोती, मिट्टी के बर्तन, सोने और चांदी के आभूषण और हाथी दांत की चूड़ियाँ बनाने की कला थी. ये लोग व्यापार में पूरी तरह से निपुण हो गए थे और इनका व्यापार विदेशों तक फैला हुआ था तथा इन्हें कच्चा माल भी विदेशों से ही प्राप्त होता था.
खुदाई का काम जारी
राष्ट्रीय संग्रहालय दिल्ली के निदेशक बीआर मणि और हरियाणा पुरातत्व विभाग के उपनिदेशक डॉ. बुनानी भट्टाचार्य ने कहा कि अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि ये लोग किस तरह के देवी- देवताओं में विश्वास करते थे. खुदाई का काम जारी है और इसके और भी सबूत मिलेंगे कुणाल में मिली हड़प्पा सभ्यता सामने आएगी.
क्या कहता है पुरात्व विभाग?
पुरातत्व विभाग के उपनिदेशक डॉ. बुनानी भट्टाचार्य ने कहा कि कुणाल में हवन कुंड मिला है और अब पता चलेगा कि वहां किस तरह की धार्मिक प्रथा थी. इसके अलावा, अलग- अलग जगहों पर अलग- अलग खुलासे हो रहे हैं. खुदाई के दौरान परत दर परत मिल रही सामग्री के नमूने एकत्र कर परीक्षण के लिए भेजे जाएंगे. साइट प्रभारी रविकांत अत्री ने बताया कि इस साइट पर कई राज खुलने वाले हैं. इनके सैंपल जांच के लिए भेजे जाएंगे.
