गुरुग्राम | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे गुरुग्राम से झज्जर AIIMS तक मेट्रो संचालित करने की योजना बनाई जा रही है. हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (HMRTC) की ओर से झज्जर के गांव बाढ़सा स्थित एम्स तक मेट्रो का विस्तार करने की तैयारी की जा रही है और इसको लेकर रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस (राइट्स) को सर्वे की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
झज्जर एम्स तक मेट्रो संचालन की योजना
जनवरी 2025 में यह सर्वे रिपोर्ट आने की उम्मीद है. यह सर्वे दो मेट्रो रूट पर किया जा रहा है. सर्वे रिपोर्ट में राइडरशिप को देखा जाएगा, जिसके बाद फैसला लिया जाएगा कि किस मेट्रो मार्ग से एम्स को जोड़ा जाए. डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा.
गुरुग्राम से बड़ी संख्या में लोग झज्जर एम्स में इलाज कराने के लिए पहुंचते हैं. मौजूदा समय में गुरुग्राम से झज्जर के बीच सड़क मार्ग द्वारका एक्सप्रेसवे के पास काफी संकरा है जिसके चलते अक्सर इस रोड पर ट्रैफिक जाम बना रहता है. हाल ही में लोक निर्माण विभाग द्वारा द्वारका एक्सप्रेसवे से झज्जर एम्स तक नया सड़क मार्ग तैयार करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन किसानों द्वारा जमीन की अधिक कीमत मांगे जाने के चलते यह परियोजना अभी सिरे नहीं चढ़ पाई है.
इन रूटों पर विचार
HMRTC ने झज्जर एम्स तक मेट्रो विस्तार करने की तैयारी के तहत राइट्स को राइडरशिप का सर्वे करने की जिम्मेदारी सौंपी है. इस सर्वे में राइट्स को यह देखना है कि ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के द्वारका एक्सप्रेसवे पर प्रस्तावित सेक्टर- 101 (गांव बसई) मेट्रो स्टेशन से झज्जर एम्स तक मेट्रो का विस्तार किया जाए या DMRC के ढांसा मेट्रो स्टेशन से मेट्रो का विस्तार किया जाए.
सूत्रों के मुताबिक, यह रिपोर्ट अगले साल जनवरी के आखिर तक HMRTC के पास पहुंच जाएगी. द्वारका एक्सप्रेसवे पर सेक्टर- 101 से झज्जर एम्स की दूरी करीब 14 किलोमीटर है जबकि दिल्ली के ढांसा मेट्रो स्टेशन से नजफगढ़ होते हुए झज्जर एम्स करीब 20 किलोमीटर दूर है.
गुरुग्राम से परिवहन व्यवस्था बदहाल
एम्स के एक कर्मचारी ने बताया कि गुरुग्राम से झज्जर एम्स तक परिवहन व्यवस्था बिल्कुल बदहाल स्थिति में है. यहां से एम्स तक ना तो हरियाणा रोडवेज की सीधी बस सेवा है और ना ही सिटी बस सेवा उपलब्ध है. गुरुग्राम रेलवे स्टेशन या इफको चौक बस स्टैंड पर उतरने के बाद जैसे- जैसे बस या आटो में सफ़र कर मरीज झज्जर एम्स तक परेशानियां झेलते हुए पहुंचते हैं. ऐसे में यदि मेट्रो की सुविधा मिलती है, तो हजारों लोगों को राहत पहुंचेगी.
