गुरुग्राम | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से गुरुग्राम के बीच सफर को आसान बनाने की दिशा में जल्द ही एक और प्रोजेक्ट को धरातल पर अमलीजामा पहनाया जाएगा. बता दें कि दिल्ली, गुरुग्राम, शहजादपुर, बहरोड़ RRTS प्रोजेक्ट को लेकर NCRTC ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण प्री- बिड मीटिंग बुलाई थी, जिसमें 2 दर्जन से ज्यादा दिग्गज ठेकेदार उपस्थित रहे. ये बैठक उस जनरल कंसल्टेंट का चुनाव करने के लिए थी, जो इस 105 किलोमीटर लंबी सुपरफास्ट लाइन को निर्धारित समय और बजट की सख्त लकीरों में बांधकर पूरा करेगा.
35 हजार करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट
इस प्रोजेक्ट के लिए 10 अक्टूबर को टेंडर जारी हो चुका है और अब 11 नवंबर से बोली लगाने की होड़ शुरू हो जाएगी. 18 नवंबर तक सबकुछ फाइनल कर लिया जाएगा. NCRTC ने स्पष्ट किया है कि इस कंसल्टेंट का काम होगा कि 35 हजार करोड़ रुपए की यह मेगा प्रोजेक्ट बिना देरी और फिजूलखर्ची के पूरा हो.
प्री- कंस्ट्रक्शन का काम जोरों से चल रहा है. सड़कों की चौड़ाई बढ़ाई जा रही हैं, जमीन की गहराई नापी जा रही है और बिजली- पानी की लाइनों को शिफ्ट किया जा रहा हैं. ये सब उस मजबूत नींव की तैयारी है, जिस पर इस हाई- स्पीड ट्रेन का संचालन किया जाएगा. इस ट्रेन की शुरुआत दक्षिणी पूर्वी दिल्ली के सराय काले खां से होगी और बीच में गुरुग्राम को चीरते हुए आखिरी पड़ाव अलवर जिले का बहरोड़ होगा.
यह रहेगा रूट
इस रैपिड रेल का रूट दिल्ली और गुरुग्राम को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है. ट्रेन सबसे पहले अंडरग्राउंड टनल में दाखिल होकर INA, मुनीरका और एयरोसिटी स्टेशनों से गुजरेगी. फिर दिल्ली- हरियाणा बॉर्डर पार कर NH- 48 के साथ- साथ साइबर सिटी को छूएगी. इसके बाद, IFFCO चौक तक ऊंचे एलिवेटेड ट्रैक पर उड़ान भरेगी और इसके बाद राजीव चौक से हीरो होंडा चौक तक फिर से जमीन के नीचे उतर जायेगी.
नई डीपीआर के मुताबिक, इस साल दिसंबर से नवंबर 2027 तक जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी की जाएगी. उसी दौरान प्रीलिमिनरी जांच को पूरा किया जाएगा. निर्माण कार्य अगले साल अगस्त महीने से शुरू होगा. नवंबर 2031 तक पूरी लाइन बिछाकर दिल्ली से बहरोड़ की दूरी को मिनटों में नापा जा सकेगा.
