गुरुग्राम नगर निगम में लागू होगा सूरत मॉडल, फील्ड में उतरना अधिकारियों की बनेगी मजबूरी

गुरुग्राम | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे गुरुग्राम शहर की बदहाल स्थिति में बहुत जल्द बड़ा सुधार देखने को मिलेगा और इसके लिए नगर निगम द्वारा सूरत नगर निगम का मॉडल अपनाने का फैसला लिया गया है. जिसके बाद अब नगर निगम के कर्मचारियों को खाली एसी दफ्तरों में बैठने से काम नहीं चलाना होगा बल्कि फाइलों के साथ- साथ अब धरातल पर उतरकर काम देखने की जिम्मेदारी भी निभानी होगी.

Gurugram Nagar Nigam

गुरुग्राम नगर निगम द्वारा एक स्पेशल इंस्पेक्शन मोबाइल एप्लीकेशन विकसित की गई है, जिसके जरिए यह सीधा पता चलेगा कि अधिकारी वास्तव में फील्ड में गए हैं या नहीं. इस ऐप्लिकेशन के लागू होने के बाद हर अधिकारी के लिए 24 घंटे में कम से कम एक बार फील्ड में पहुंचना अनिवार्य होगा.

गुरुग्राम में अधिकारियों को होगा फील्ड में उतरना

इस मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से अधिकारियों को हर रोज टारगेट दिया जाएगा और उन्हें अपने निर्धारित क्षेत्र में सीवर सफाई, जलापूर्ति की स्थिति और सड़कों की मरम्मत जैसे कार्यों का निरीक्षण करना होगा. निरीक्षण के दौरान मौके से फोटो और रिपोर्ट एप्लीकेशन पर अपलोड करनी होगी, ताकि फील्ड में मौजूदगी की पुष्टि हो सके.

गुरुग्राम नगर निगम ने अधिकारियों की जिम्मेदारियों को भी स्पष्ट कर दिया है. निगम आयुक्त और अतिरिक्त आयुक्त पूरे शहर में कहीं भी औचक निरीक्षण कर सकेंगे जबकि संयुक्त आयुक्त अपने-अपने जोन और कार्यकारी अभियंता वार्ड स्तर पर निरीक्षण करेंगे. अगले दिन सुबह निगम आयुक्त स्वयं इन फील्ड रिपोर्ट की समीक्षा करेंगे.

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सूरत में रात को सफाई का निरीक्षण

गुजरात के नगर निगम से प्रेरित होकर गुरुग्राम नगर निगम द्वारा इस पहल की शुरुआत की गई है. सूरत में नाइट राउंड ऐप्लिकेशन के जरिए अधिकारी रात में सड़कों पर उतरकर सफाई व्यवस्था की निगरानी करते हैं. लाइव लोकेशन और तस्वीरें मुख्यालय से जुड़ी होती है और किसी भी कमी पर तुरंत संबंधित विभाग को अलर्ट भेजा जाता है. इसी सख्ती के चलते सूरत नगर निगम स्वच्छता रैंकिंग में निरंतर शीर्ष पर बना हुआ है.

गुरुग्राम की बात करें तो यहां अधिकारियों की लापरवाही के मामले निरंतर सामने आते रहते हैं. अधिकारी फील्ड में नहीं जाते हैं जिससे ठेकेदार मनमानी करते हैं और लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है लेकिन अब नए मोबाइल एप्लीकेशन से इस खामी को दूर किया जा सकेगा. नगर निगम ने दावा करते हुए कहा कि डिजिटल निगरानी से न केवल जवाबदेही तय होगी बल्कि शहर में व्यवस्था परिवर्तन भी देखने को मिलेगा.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.