चंडीगढ़ | हरियाणा के लोगों को एक बार फिर सतलुज- यमुना लिंक नहर (SYL) का पानी मिलने की उम्मीद जगी है. इस संबंध में 27 जनवरी को चंडीगढ़ में हरियाणा और पंजाब दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री बैठक कर रहे हैं. सबसे खास बात यह है कि इस बार की बैठक में केंद्र सरकार की ओर से कोई भी मंत्री बैठक में शामिल नहीं होगा. इस बैठक में हरियाणा के सीएम नायब सैनी और पंजाब के सीएम भगवंत मान सहित दोनों राज्यों के सीनियर अधिकारी उपस्थित रहेंगे.
SYL नहर विवाद
ससे पहले भी पंजाब और हरियाणा के बीच दशकों पुराने SYL विवाद को सुलझाने के लिए केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल की अध्यक्षता में पिछले साल 3 बैठकें हो चुकी है लेकिन विवाद ज्यों कि त्यों बना हुआ है. इन बैठकों में इस मामले को लेकर कोई हल नहीं निकला था जिसके बाद इस विवाद का समाधान करने के लिए अब साल 2026 की पहली बैठक बुलाई गई है.
मध्यस्थता से पीछे हटी केंद्र सरकार
पिछले साल नवंबर महीने में हुई बैठक में SYL विवाद पर केंद्र सरकार मध्यस्थता से पीछे हटती हुई दिखाई दे रही है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद केंद्र सरकार ने अपनी अगुवाई में पंजाब और हरियाणा के बीच पांच दौर की द्विपक्षीय बैठक आयोजित करवा चुका है लेकिन किसी भी बैठक में कोई ठोस नतीजा नहीं निकला.
इससे पहले केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने दोनों राज्यों पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर कहा है कि दोनों राज्य आपसी बातचीत से इस मामले का समाधान खोजें. पिछले साल नवंबर महीने में फरीदाबाद में हुई उत्तरी जोनल काऊंसिल की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नदी के पानी से जुड़े सभी मुद्दों को फिलहाल के लिए मुल्तवी कर दिया था. अब 27 जनवरी को होने वाली बैठक में इस मुद्दे के समाधान के कयास लगाए जा रहे हैं.
