गुरुग्राम | दिल्ली से सटे हरियाणा की मिलेनियम सिटी गुरुग्राम से आमजन के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. यहां लगातार बढ़ती आबादी के बीच जलापूर्ति समस्या का स्थायी समाधान करने की दिशा में एक ठोस कदम उठाया गया है. गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMDA) ने इसके स्थायी समाधान के लिए नई मास्टर पाइपलाइन बिछाने की योजना बनाई है. इसके लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

गुरुग्राम में तेजी से बढ़ रही आबादी
इस योजना के अंतर्गत पहली पाइपलाइन बसई वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से शुरू होकर पालम विहार, डूंडाहेड़ा, सूर्या विहार होते हुए साइबर सिटी और DLF फेज 2 तक पहुंचेगी. दूसरी पाइपलाइन सेक्टर- 16 से सिरहौल होते हुए DLF फेज 2 तक जाएगी. गुरुग्राम में तेजी से बढ़ रही आबादी और शहरी विकास के कारण पानी की मांग दिन भर दिन बढ़ती जा रही है. ऐसे में मौजूदा पाइपलाइन और सप्लाई सिस्टम पर काफी दबाव बढ़ रहा है. कई इलाको में कम दबाव, अनियमित सप्लाई और पाइपलाइन लीकेज जैसी समस्याएं भी आ रही है.
वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य
नई पाइपलाइन जुड़ने से पानी की आपूर्ति क्षमता बढ़ेगी और दूर- दराज के सेक्टरों में पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंच सकेगा. पुरानी पाइपलाइनों पर निर्भरता कम होगी जिससे बार- बार होने वाली खराबी और सप्लाई बाधित होने की समस्या भी कम होगी.
नई पाइपलाइन परियोजना एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जिसे वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. GMDA का मानना है कि इस योजना के पूरा होने के बाद गुरुग्राम शहर में पानी की किल्लत काफी हद तक समाप्त होगी. यह परियोजना भविष्य में बढ़ती आबादी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है.