हरियाणा के गांवों में हर नल पर लगेगा मीटर, जितनी पानी की खपत उतना ही देना होगा बिल

चंडीगढ़ | हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने पानी की बर्बादी रोकने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने शहरों की तर्ज पर गांवों में भी हर घर में नल पर मीटर लगाने की योजना बनाई है. जो परिवार जितना पानी खर्च करेगा, मीटर रीडिंग के हिसाब से उतना ही बिल भरना होगा.

Water

अगर किसी ने होशियारी दिखाकर जान- बूझकर मीटर को खराब किया तो न केवल जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि नए मीटर की लागत भी वसूली जाए‌गी. जलापूर्ति लाइन में छेड़छाड़ या अवैध रूप से कनेक्शन लेने पर भी मोटा जुर्माना चुकाना पड़ेगा.

14 साल पुरानी नीति में बदलाव

प्रदेश के 14 जिलों के डेढ़ हजार से ज्यादा गांवों में तेजी से गिरते भूजल स्तर के कारण जल संकट गहरा चुका है. इसे देखते हुए प्रदेश सरकार ने गांवों में पानी की बर्बादी रोकने और समान वितरण के लिए 14 साल पुरानी नीति में बदलाव किया है.

जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के आयुक्त एवं सचिव मोहम्मद शाईन ने नई ग्रामीण पेयजल आपूर्ति प्रणालियों के लिए ‘संचालन एवं रख- रखाव नीति’ अधिसूचित कर दी है. एकल ग्राम पंचायतों में यह नीति विगत पहली अप्रैल से लागू हो चुकी है जबकि बहु ग्राम पंचायतों और महाग्राम गांवों में इसे अगले साल 1 अप्रैल से लागू किया जाएगा.

पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पहले कुछ गांवों में मीटर लगाए जाएंगे. इसके बाद पूरे प्रदेश में प्रत्येक घर में नल कनेक्शन के लिए मीटर जरूरी होगा. हालांकि, अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे नल कनेक्शन हैं, जिन पर टूटी नहीं लगी है. प्रदेश सरकार ने टूटी लगवाना सुनिश्चित करने के लिए विभाग को निर्देश दिए हैं. प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि सभी गांवों में ग्राम जल व स्वच्छता समितियां बनाई जाएंगी जो PPP मॉडल पर काम करेंगी. ग्राम पंचायत को पानी के शुल्क के बदले जो राशि ग्रामीणों से मिलेगी, उतनी राशि प्रदेश सरकार भी देगी.

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ढाणियों में भी पहुंचेगा नल से जल

गांवों के नजदीक बसी छोटी ढाणियों में भी नल से पानी पहुंचाया जाएगा. केंद्र सरकार की ‘हर घर नल से जल’ योजना का विस्तार करते हुए ढाणियों के लिए तय नियमों में बदलाव किया जा रहा है. अभी तक जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा 100 लोगो या 20 परिवारों वालों ढाणियों में ही जलापूर्ति के नियम बनाए गए थे. अब नियमों में बदलाव कर 100 से कम लोगों और 20 से कम परिवारों वाली ढाणियों में भी जलापूर्ति की जाएगी.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.