हिसार | हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने जमीन की पैमाइश को डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. प्रदेश सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि अब जीएनएसएस रोवर्स मशीन से ही जमीन की पैमाइश होगी. इसके लिए राजस्व विभाग पोर्टल (ई-जीआरएस) पर लोगों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा.

उन्होंने बताया कि पैमाइश के लिए ऑफलाइन प्रक्रिया राजस्व विभाग द्वारा बंद कर दी गई है. रोवर्स मशीन के संचालन के लिए पटवारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है. राजस्व विभाग के सख्त रुख के बाद जिले की हर तहसील में एक- एक रोवर्स मशीन से पैमाइश अनिवार्य करनी होगी. अभी तक जिले में किसी तहसील में पैमाइश शुरू नहीं हुई है जबकि 120 से अधिक लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किया हुआ है. हिसार जिले की बात करें तो यहां 6 तहसील और 3 उप- तहसील में 17 जीएनएसएस रोवर्स मशीनें अलॉट की गई है.
सटीक पैमाइश का मिलेगा लाभ
रोवर मशीन सीधे अंतरिक्ष में मौजूद सैटेलाइट्स से सिग्नल प्राप्त करती है. इसके साथ, हरियाणा में स्थापित 19 कंटीन्यूअसली ऑपरेटिंग रिफरेंस स्टेशन (CORS) नेटवर्क से भी इसे जोड़ा जाता है. यह नेटवर्क मशीन को यह बताने में मदद करता है कि वह जमीन के किस सटीक अक्षांश और देशांतर पर खड़ी है. मशीन में संबंधित गांव या क्षेत्र का डिजिटल नक्शा लोड किया जाता है. मशीन की पैमाइश में 1-2 सेंटीमीटर की सटीकता आती है. मशीन का डेटा सीधे राजस्व विभाग के सर्वर पर अपलोड किया जा सकता है.
इतने रुपए लगेगी फीस
यदि आप 3 एकड़ कृषि भूमि की पैमाइश करवाते हैं, तो कुल फीसः 1 हजार रुपए (पहला एकड़) + 1,000 (दो अतिरिक्त एकड़) + 500 (कमीशन)
कृषि भूमि (ग्रामीण)
- पहले एक एकड़ तक: 1,000
- अतिरिक्त प्रति एकड़: 500
- स्थानीय कमीशन शुल्क: 500
गैर- कृषि भूमि (जैसे फार्म हाउस)
- पहले एक एकड़ तक: 2 हजार रुपए
- अतिरिक्त प्रति एकड़: 500
- स्थानीय कमीशन शुल्क: 500 रुपए
शहरी क्षेत्र (500 वर्ग गज तक)
- 2 हजार रुपए (फ्लैट रेट)
- 500 वर्ग गज से अधिक: 3 हजार
- स्थानीय कमीशन:1,000 रुपए