हिसार | हरियाणा कांग्रेस में अभी तक भुपेंद्र हुड्डा और कुमारी शैलजा का गुट आमने- सामने था, लेकिन अब भुपेंद्र हुड्डा गुट के नेताओं ने ही उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. मकर संक्रांति पर्व पर बरवाला के पूर्व विधायक रामनिवास घोड़ेला ने मिलन समारोह आयोजित किया था, जिसमें पूर्व मंत्री सपंत सिंह, पूर्व विधायक रामभगत शर्मा, धर्मबीर गोयत, पूर्व चेयरमैन अजीत सिंह, सुखबीर डूडी और हरीश वर्मा सहित कई अन्य नेताओं ने शिरकत की.
इन नेताओं ने दीपेंद्र हुड्डा को सबसे ज्यादा टारगेट किया. इन नेताओं की बगावत से अब भुपेंद्र हुड्डा का हरियाणा कांग्रेस में दबदबा संकट में पड़ता नजर आ रहा है.
घोड़ेला ने दिया यह बयान
बरवाला हल्के से चुनाव हारने वाले रामनिवास घोड़ेला ने दीपेंद्र हुड्डा और हिसार से सांसद जयप्रकाश उर्फ जेपी को हार के लिए जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने की हसरत में कांग्रेस को हार झेलनी पड़ी. ये लोग 90 सीटों पर चुनाव नहीं लड़ रहे थे, बल्कि मुख्यमंत्री बनने के लिए सिर्फ 45 सीट जीतना चाहते थे.
कांग्रेस नेता घोड़ेला ने कहा कि सरकार विधायकों से बनती है, मगर हमारे वाले नेता (दीपेंद्र हुड्डा) सोचते थे कि बिना विधायकों के ही सरकार बना देंगे. इसके साथ ही, उन्होंने सांसद जयप्रकाश पर भी जात- पात में बांटने का आरोप लगाया, जो हार की बड़ी वजह रही. हांसी और नलवा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी की हार का सबसे बड़ा कारण जयप्रकाश है.
दीपेंद्र हुड्डा के अंहकार ने डूबोया
पूर्व मंत्री सपंत सिंह ने कहा कि हरियाणा में बीजेपी की सरकार जनता ने नहीं, बल्कि कांग्रेस के बड़े नेताओं (दीपेंद्र हुड्डा) ने बनवाई है. इनका वहम और घमंड पार्टी की लुटिया डुबाने में सबसे बड़ा कारण रहा. संपत सिंह ने कहा कि इन्होंने मेरी टिकट काट दी. दीपेंद्र हुड्डा को लगता था कि संपत सिंह जीत गया तो मंत्री बनाना पड़ेगा. अरे मुख्यमंत्री तो आप ही बनते. उसके बाद भी, यह खेल खेला गया. रामनिवास घोड़ेला को टिकट देकर अंदरखाते इसका विरोध किया गया.
लोकसभा तक तो ठीक था, लेकिन सांसद जयप्रकाश ने मेरी विधानसभा में भी 50- 55 आदमियों को थापी मार दी, जिससे कई गुट बन गए. उन्हें पता होना चाहिए था कि विधानसभा चुनाव में थापी नहीं मारनी चाहिए- राम निवास घोड़ेला पूर्व MLA, बरवाला
हरियाणा में कांग्रेस को दोबारा जिंदा करना है, तो हाईकमान को बहुत बड़े फैसले लेने पड़ेंगे. अगर आज सही रास्ते पर नहीं आए तो लोग मुंह नहीं लगाएंगे- प्रो. संपत सिंह, पूर्व मंत्री
